CG Police News: 8-10 साल तक सेवा देने के बाद भी अब तक नहीं हुआ है स्थानांतरण
CG Police News: रायपुर/बस्तर। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से तैनात निरीक्षकों के स्थानांतरण को लेकर पुलिस विभाग में चर्चा तेज हाेती है, लेेकिन कुछ दिन बाद चर्चा कहीं गुम हाे जाती है। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे। कई निरीक्षक वर्षों से संवेदनशील क्षेत्रों में पदस्थ रहकर नक्सल विरोधी अभियानों, कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के 2013 बैच सीधी भर्ती से आए उप निरीक्षक एवं निरीक्षक स्तर के अधिकारियों ने बस्तर संभाग के कठिन परिस्थितियों वाले क्षेत्रों—बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कोंडागांव, नारायणपुर और कांकेर जिलों—में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी हैं। इन अधिकारियों के योगदान से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और आम नागरिकों में विश्वास बढ़ा है। सूत्रों के अनुसार, लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेवा देने के बाद कई निरीक्षक अब शहरी या गैर-संवेदनशील क्षेत्रों में पदस्थापना की उम्मीद लगाए हुए हैं। लेकिन हालिया स्थानांतरण प्रक्रियाओं में कई अधिकारियों का स्थानांतरण बस्तर संभाग के अंदर ही विभिन्न जिलों में हुआ है, जिसके कारण कुछ अधिकारियों एवं उनके परिवारों में असंतोष की चर्चा है।

पुलिस परिवारों का कहना है कि लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती के कारण पारिवारिक जिम्मेदारियों, बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में लंबे समय से नक्सल क्षेत्र में सेवा दे चुके अधिकारियों को नीति के अनुसार अन्य जिलों में अवसर दिए जाने की अपेक्षा है।
हालांकि, इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पुलिस अधिकारियों एवं उनके परिवारों की अपेक्षा है कि लंबे समय तक संवेदनशील क्षेत्रों में सेवा देने वाले कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए भविष्य की स्थानांतरण नीति में उचित अवसर प्रदान करते हुये बस्तर संभाग से अन्य संभाग के ज़िलों में स्थानांतरण किए जाएं।



