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रोप- पे हादसा: तार के बीच रस्सी बांधकर चलाया जा रहा था काम

कांग्रेस की जांच टीम ने किया खुलासा, गंभीर रूप से घायल एक अन्य ने तोड़ा दम

महासमुंद। खल्लारी माता मंदिर में 22 मार्च को हुए भीषण रोप-वे हादसे में अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है। वहीं अब भी दो की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इन सब के बीच आज छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित टीम ने घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण कर हादसे की वास्तविक वजहों को जानने का प्रयास किया।बता दें कि खल्लारी माता मंदिर में हुए रोप-वे हादसे के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर एक जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच कमेटी संयोजक व खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, सरायपाली विधायक चातुरीनंद, पूर्व प्रभारी महामंत्री अमरजीत चावला, बागबाहरा जनपद अध्यक्ष केशव चंद्राकर आज करीब 12:30 बजे घटना स्थल पहुंचे। वहाँ उन्होंने पहाड़ी के नीचे स्थित रोप-वे स्टेशन का निरीक्षण किया और उसके संचालन की जानकारी ली। बाद वे तार टूटने से गिरी ट्रॉली का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यहाँ उपस्थित स्थानीय लोगों से घटनाक्रम व रोप-वे संचालन के विषय में भी जानकारी ली। इस दौरान बागबाहरा शहर अध्यक्ष लखबीर सिंह छाबड़ा, ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष देवनाथ साहू, ताम्रध्वज बघेल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसी उपस्थित थे।रखरखाव में भी बरती लापरवाही : द्वारिकाधीशनिरीक्षण के बाद गठित टीम के संयोजक व खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश ने बताया कि यहाँ हर साल हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ माता के दर्शन के लिए पहुंचती है और ज्यादातर लोग रोप-वे से जाते-आते हैं। ऐसे में कंपनी को खास रखरखाव करना चाहिए था। 10- 15 दिन तक पूरी जांच के साथ ही वजनी ट्रायल, मोटर व अन्य सामग्री की गहन जांच होनी थी। पर पता चला है कंपनी ने नवरात्रि पर्व के तीन दिन पूर्व बिना किसी तकनीकी (इंजीनियर) विशेषज्ञ की उपस्थिति के मेंटनेंस कार्य कराया। मेंटनेंस के दौरान अपर स्टेशन के मुख्य चक्का (व्हील) को बदला गया, जो पूर्व में लगे चक्का से भिन्न पाया गया। इसके अलावा रोप-वे संचालन के लिए पिछले दो-तीन महीनों से पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं थी। जिसकी शिकायत पर मैंने घटना के लगभग एक घंटे पहले विद्युत विभाग के डीई से विद्युत आपूर्ति ठीक करने कहा था। वोल्टेज सही न मिलने के कारण रोप-वे का संचालन जनरेटर के माध्यम से किया जा रहा था। क्या जनरेटर की क्षमता पर्याप्त थी? इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रोप-वे का प्रारंभिक संचालन अनुभवी टीम द्वारा किया जा रहा था, किन्तु बिना किसी पूर्व सूचना व अज्ञात कारणों से उस टीम को बदलकर स्थानीय एवं कम अनुभवी टीम से संचालन कराया जा रहा था। रोप-वे संचालन में मेंटेनेंस व चेकलिस्ट अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य प्रक्रिया है, किन्तु अनुभवहीन टीम के कारण नियमित मेंटनेंस व आवश्यक चेकलिस्ट का संधारण नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जिस तार पर ट्रॉली का मूवमेंट होता है वह पूरा स्टील का होना चाहिए। परंतु निरीक्षण में हमने पाया कि तार के बीच में रस्सी का उपयोग किया गया, जो घोर लापरवाही को दर्शाता है। द्वारिकाधीश ने कहा कि मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार मुआवजा राशि नाकाफी है। हम राज्य सरकार से मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए और घायलों का मुफ्त इलाज और उचित मुआवजे मांग करते है। निरीक्षण में जो भी कमियां पाई गई है उसकी एक रिपोर्ट बनाकर जल्द ही छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी को सौंपा जाएगा।

*श्रद्धालूओं की संख्या हुई कम*

खल्लारी मंदिर की पहाड़ी में हुए रोप-वे हादसे के बाद से यहाँ मंदिर दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या आधी हो गई है। बताया जा रहा है कि अधिकांश श्रद्धालु रोप-वे से माता के दर्शन के लिए जाते थे। जब से हादसा हुआ है, तब से श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सालों की अपेक्षा आधी रह गई है। नीलम जलपान गृह के संचालक पुन्नूराम यादव ने बताया कि पंचमी से यहाँ भीड़ शुरू हो जाती है। जिला सहित आसपास से हजारों श्रद्धालु यहाँ पहुंचते थे। पर, हादसे के बाद से यहाँ भीड़ कम हो गयी है। पूजा सामग्री बेचने वाली मीना बाई ने बताया कि आज सप्तमी है और दोपहर का एक बज रहा है पर भीड़ कम है। श्रद्धालुओं की संख्या कम होने से व्यवसाय प्रभावित हुआ है। गन्ना रस दुकान लगाने वाले शिव सिन्हा ने बताया कि लोग आ रहे हैं पर काफी कम संख्या में लोग मंदिर में दर्शन करने जा रहे हैं।

* हादसे में घायल गोविंद स्वामी ने भी तोड़ा दम*

खल्लारी मंदिर में रविवार को हुए दर्दनाक रोप-वे हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल 47 वर्षीय गोविंद स्वामी ने मंगलवार रात करीब 9 बजे इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले इस दुर्घटना में एक महिला शिक्षक की मौत हो चुकी थी। मालूम हो कि 22 मार्च की सुबह रायपुर के राजातालाब क्षेत्र से आए श्रद्धालु माता के दर्शन करने के बाद रोप-वे ट्रॉली से नीचे लौट रहे थे। ट्रॉली में ऋषभ धावरे (29), छायांश धावरे (16), आयुषी धावरे (28), मानसी गोडरिया (12), नमिता स्वामी (45), अंशुमिता स्वामी (10) और गोविंद स्वामी सवार थे। इसी दौरान अचानक रोप-वे का केबल टूट गया, जिससे ट्रॉली अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। वहीं दूसरी ट्रॉली भी स्टेशन से टकरा गई। इस भयावह हादसे में कुल 16 श्रद्धालु घायल हो गए थे। घटना में पाटन आत्मानंद स्कूल में पदस्थ शिक्षिका आयुषी धावरे की मौके पर ही मौत हो गई थी, वहीं अन्य सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान गोविंद स्वामी ने भी दम तोड़ दिया। वर्तमान में नमिता स्वामी और उनकी बेटी अंशुमिता की हालत गंभीर बनी हुई हैै।

*मृतकों के परिजन को 5 लाख रुपए मुआवजा*

प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में हुए रोप-वे हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत की घोषणा की है। मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपए की सहायता राशि और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दुःख की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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