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सीबीआई अफसर बनकर रिटायर्ड क्लर्क से 14 लाख की ठगी

रायपुर, (संवाद सांधाना)। राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने ‘सीबीआई अफसर’ बनकर एक रिटायर्ड क्लर्क को डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर 14 लाख रुपए की ठगी कर ली। घटना पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र की है, जहां 66 वर्षीय रामेश्वर देवांगन इस सुनियोजित जालसाजी के शिकार हुए। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रामेश्वर देवांगन शिक्षा विभाग में क्लर्क के पद से रिटायर हो चुके हैं। 14 जुलाई की दोपहर लगभग 1:30 बजे उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को टेलीफोन विभाग का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका मोबाइल नंबर कुछ समय के लिए बंद किया जा रहा है।
फिर आया वीडियो कॉल, शुरू हुआ सीबीआई जांच’ का नाटक
इसके कुछ ही देर बाद उन्हें एक अन्य नंबर से कॉल आया। इस बार कॉलर ने खुद को रजनीश मिश्रा सीबीआई अधिकारी बताया और वीडियो कॉल पर बात की। उसने एक व्यक्ति नरेश गोयल का नाम लेते हुए रामेश्वर से पूछा कि क्या वह उन्हें पहचानते हैं। जब उन्होंने इनकार किया, तो आरोपियों ने बताया कि उस व्यक्ति के खिलाफ सीबीआई जांच चल रही है और उन्हें गवाह के तौर पर बयान देना होगा। रामेश्वर के सीनियर सिटीजन होने की बात कहने पर, आरोपियों ने ‘ऑनलाइन बयान दर्ज करने’ का झांसा दिया।
नकली सीबीआई लेटर भेजा, लगातार धमकी देते रहे
इसके बाद आरोपियों ने एक वाट्सऐप संदेश में सीबीआई का लेटरहेड और मोहर लगा हुआ एक नकली पत्र भेजा। वे लगातार वीडियो कॉल पर रामेश्वर को जोड़े रहे और कहा कि यदि वह सहयोग नहीं करेंगे तो उन्हें अरेस्ट कर लिया जाएगा। ठगों ने बैंक खातों की जांच के बहाने उनसे पैसे ट्रांसफर करवाए। रामेश्वर ने 15 जुलाई को 4 लाख, 16 जुलाई को 7 लाख और 17 जुलाई को 3 लाख रुपए—इस तरह कुल 14 लाख रुपए आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
शक हुआ तो पहुंचे थाने, पुलिस कर रही जांच
कई दिनों तक कोई पैसा वापस नहीं आने पर रामेश्वर को ठगी का अंदेशा हुआ। उन्होंने तत्काल पुरानी बस्ती थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब बैंक ट्रांजेक्शन और मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।

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