Hindi Fortnight News: दूधाधारी बजरंग महिला पीजी कॉलेज में हिंदी पखवाड़ा:
Hindi Fortnight News: रायपुर। शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी पखवाड़ा धूमधाम से मनाया जा रहा है। हिंदी विभाग एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. जया तिवारी ने की।मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए डॉ. जया तिवारी ने कहा कि हिंदी भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक-सांस्कृतिक परंपरा और हमारी आत्मा की भाषा है।

यही भाषा हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाती है। उन्होंने हिंदी के महत्व, उपयोगिता और रोजगार के अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला।विशिष्ट अतिथि अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सुरेश साहू ने कहा कि हिंदी सोचने और महसूस करने का आधार है। ज्ञान का निर्माण भाषा के बिना संभव नहीं है।हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना मिश्रा ने मुंशी प्रेमचंद और साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल पर सारगर्भित व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि चाहे अमीर खुसरो की पहेलियां हों या संत धर्मदास के पद, पूर्वी हिंदी हो या पश्चिमी, हिंदी ने हमेशा भारत को एक सूत्र में बांधने का काम किया है।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। वनस्पति शास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ. वैभव आचार्य ने अपने पिताजी की मौलिक रचना का पाठ किया। भौतिकी की विभागाध्यक्ष डॉ. रागिनी पांडेय ने ‘मधुशाला’ का मधुर गायन किया। वाणिज्य विभाग की डॉ. कीर्ति श्रीवास ने नारी शक्ति और सौंदर्य पर केंद्रित स्वरचित कविता सुनाई। कंप्यूटर विभाग की आरती अवस्थी और कुसुम डड़सेना ने भी स्वरचित काव्य पाठ किया।कार्यक्रम का सफल संचालन हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापक मंजू देवी कोचे ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आरती उपाध्याय ने किया। आयोजन में डॉ. दुरपत मिरी, डॉ. अंजली खलखो और डॉ. माहेश्वरी गढ़वाल की सक्रिय भागीदारी रही।

Hindi Fortnight News: कविता पाठ में पूजा प्रथम
महाविद्यालय की छात्राओं के लिए आयोजित कविता पाठ प्रतियोगिता में पूजा प्रथम और अदिति शुक्ला द्वितीय स्थान पर रहीं। विजेताओं को पुरस्कार स्वरूप पुस्तकें भेंट की गईं। विजयी छात्रा ने अपनी कविता में पढ़ा -मैंने देखा चाँद की तरफ, सोचा क्या वो बातें करता होगा
मैंने पूछा पेड़ों से जो रोज रात आसमान के नीचे ठंडी हवाओं में झूमते रहते हैं
उसने कहा, वो बातें तो करता है, पर सुनाई उन प्रेमी प्रेमिकाओं को देती हैं जो एक दूसरे से दूर उनके पास होने के वादे करते हैं।कार्यक्रम के दौरान प्रेमचंद और विनोद कुमार शुक्ल पर केंद्रित प्रदर्शनी और क्विज का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया।



