swine flu News: रायपुर। मौसम बदलने के साथ ही H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं। एमएमआई हॉस्पिटल रायपुर की डॉ. दीप्ति मास्के ने बताया कि स्वाइन फ्लू तेजी से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जिसमें शुरुआती 48 घंटों में इलाज शुरू होना सबसे ज्यादा जरूरी है। समय पर उपचार से गंभीर संक्रमण, अस्पताल में भर्ती और मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।क्या है स्वाइन फ्लू?
डॉ. मास्के ने बताया कि स्वाइन फ्लू Influenza A वायरस से होने वाली सांस की बीमारी है। इसके शुरुआती संक्रमणों का संबंध सूअरों में पाए जाने वाले वायरस से था, इसलिए इसे स्वाइन फ्लू कहा गया। 2009 की महामारी में इस वायरस में सूअर, चमगादड़ और मनुष्यों के वायरस के अंश मिले थे। टीकों से इसे नियंत्रित किया गया, लेकिन यह आज भी मौसमी बीमारी के रूप में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए खतरा बना हुआ है।कैसे फैलता है?

swine flu News: यह वायरस मुख्य रूप से तीन तरीकों से फैलता है
संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने से निकली बूंदों से, सीधे संपर्क जैसे हाथ मिलाने से, और दरवाजे के हैंडल, मोबाइल, टेबल जैसी सतहों पर मौजूद वायरस को छूने के बाद नाक-मुंह छूने से।पहले 48 घंटे क्यों हैं महत्वपूर्ण?
डॉ. दीप्ति के अनुसार पहले 48 घंटों में वायरस शरीर में तेजी से बढ़ता है। इस दौरान ओसेल्टामिविर जैसी एंटी-वायरल दवाएं वायरस को बढ़ने से रोकती हैं। इससे फेफड़ों में गंभीर संक्रमण और सांस लेने में तकलीफ का खतरा कम हो जाता है। मधुमेह, हृदय रोग, फेफड़े, किडनी की बीमारी और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए तो समय पर इलाज और भी जरूरी है।खुद से इलाज में देरी न करें अक्सर लोग इसे सामान्य बुखार समझकर घर पर ही दवा ले लेते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेने से सही इलाज में देरी होती है और शरीर में दवा के प्रति प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।
swine flu News: डॉक्टर के पास देर से जाना बीमारी को गंभीर बना सकता है
बिना जरूरत दवाएं लेना और डॉक्टर के पास देर से जाना बीमारी को गंभीर बना सकता है। इन चेतावनी संकेतों को न करें नजरअंदाज सांस फूलना, तेज या कठिन सांस, सीने में दर्द, होंठ या उंगलियों का नीला पड़ना, भ्रम, अत्यधिक नींद, खाने-पीने में असमर्थता और लगातार उल्टी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।बचाव के उपाय हाथों को अच्छी तरह धोएं, खांसते-छींकते समय मुंह-नाक को टिश्यू या कोहनी से ढकें, लक्षण होने पर मास्क पहनें, बीमार होने पर बुजुर्गों और बच्चों से दूरी बनाए रखें और हर साल फ्लू का टीका जरूर लगवाएं।डॉ. मास्के ने कहा कि कुछ आसान आदतों और पहले 48 घंटों में सतर्कता बरतकर खुद को और समुदाय को स्वाइन फ्लू से सुरक्षित रखा जा सकता है।



