Hindi Fortnight News: सद्भावना साहित्य संस्थान का आयोजन
Hindi Fortnight News: रायपुर। हिंदी दिवस विशेष सप्ताह के अंतर्गत सद्भावना साहित्य संस्थान, रायपुर द्वारा वृंदावन हॉल, सिविल लाइंस में भव्य काव्य गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। उद्देश्य था – हिंदी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और नई पीढ़ी को मातृभाषा के गौरव से जोड़ना।कार्यक्रम में शहर के साहित्यप्रेमियों और कवियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कवि राजकुमार सोनी ने जीवन की आपाधापी पर लिखी रचना “बच्चे से बुज़ुर्ग हो गए” सुनाई –
बच्चे से बुज़ुर्ग कब हो गए, पता ही नहीं चला, वक़्त कब हाथों से निकल गया, पता ही नहीं चला।यशवंत यदु ‘यश’ ने श्रीगणेश वंदना के साथ ट्रंप के टैरिफ जैसे समसामयिक विषय पर हास्य-व्यंग्य से खूब तालियां बटोरीं।जितेंद्र ने प्रेम की भावना को स्वर दिया – अगर तुम प्रीत बन जाओ, तुम्हारी रीत बन जाऊँ…, तो छबिलाल सोनी ने मन मधुमक्खी, चला चूसने, शब्द पुष्प के मीठे रस सुनाकर कविता की मिठास घोली।डॉ. गोपा शर्मा ने “हिंदी हमारी पहचान, हमारा गर्व, हमारी शान” रचना से हिंदी को संस्कृति का हिस्सा बताया। मोहम्मद यूशा ने महंगाई पर कहा – महंगाइयों की मार से हैं चूर-चूर लोग, हम फिर भी अपने घर को संभाले हुए तो हैं।

सुषमा पटेल ने ‘कवित्त की क्यारी’ में माँ शारदा की वंदना की, जबकि संस्थान के अध्यक्ष योगेश शर्मा ‘योगी’ ने नए जमाने के प्रेम और बदलते रिश्तों पर व्यंग्यात्मक प्रस्तुति से सभी को सोचने पर मजबूर किया।लकी ड्रॉ ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें सफदर अली ‘सफदर’, डॉ. गोपा शर्मा, सुषमा पटेल और यशवंत यदु को उपहार मिले।

मुख्य पुरस्कार रुणाली चक्रवर्ती ने जीता।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना और पहचान है। अंत में सद्भावना साहित्य संस्थान ने सभी का आभार व्यक्त किया।



