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खदानों की धीमी एंट्री बनी सडक़ों की मुसीबत, बाजार व पाली रोड पर लग रही वाहनों की कतार

एंबुलेंस और स्कूली बसों के फंसने का खतरा, हादसे की आशंका
कोरबा। गेवरा और दीपका कोयला खदानों में वाहनों की एंट्री प्रक्रिया धीमी होने का असर अब खदान परिसर तक सीमित नहीं रह गया है। मुख्य प्रवेश मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार लगने से बाजार रोड और पाली रोड पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सडक़ पर बढ़ते वाहन दबाव के कारण आम लोगों के साथ स्कूली बसों, एंबुलेंस और दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
खदानों के प्रवेश द्वार पर बैरियर व्यवस्था के कारण वाहनों की आवाजाही की गति कम होने से बाहर सडक़ पर लगातार वाहनों की कतार बन रही है। पीक समय में स्थिति और गंभीर हो जाती है। सडक़ के दोनों ओर वाहनों का दबाव बढऩे से सामान्य आवागमन प्रभावित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि जाम के बीच एंबुलेंस या अन्य आपातकालीन वाहन फंसते हैं तो मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो सकता है। इसी तरह स्कूली बसों और स्थानीय नागरिकों को भी रोजाना जाम का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ पर अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों के कारण किसी बड़े हादसे की स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता। समस्या को लेकर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन गेवरा-दीपका ने कटघोरा एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन ने खदानों के मुख्य प्रवेश द्वार पर वाहनों की एंट्री व्यवस्था में सुधार कराने तथा बैरियर पर अनावश्यक देरी कम कर वाहनों की आवाजाही सुचारू कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित विभाग और एसईसीएल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई और जाम के कारण दुर्घटना, जनहानि या संपत्ति का नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।

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