रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 12 अक्टूबर को आरपीएफ के राइजिंग डे कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर आ रहे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वे रायपुर-राजिम और रायपुर-रावघाट ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं।
रेल मंत्री के आगमन और दो ट्रेनों को हरी झंडी दिखाए जाने से पहले ट्रैक के सीमेंट स्लीपर और गिट्टियों तक को रंगा जा रहा है। वीआईपी स्वागत में हो रहे इस अनोखे रंग-रोगन पर अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह सरकारी धन और संसाधनों का फिजूलखर्च नहीं है? रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, करीब दो घंटे के कार्यक्रम और उससे जुड़ी तैयारियों पर चार से पांच करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। अकेले आरपीएफ को राइजिंग डे आयोजन के लिए 85 लाख रुपए का बजट मिला है।
डामरीकरण से लेकर सीसी रोड तक रातों-रात तैयार
प्लेटफार्म नंबर-1 पर सालों बाद अफसरों के कक्षों के दरवाजे रंगे जा रहे हैं और उन पर पर्दे लगाए जा रहे हैं। स्टेशन से डब्ल्यूआरएस ग्राउंड तक कमियां दूर करने के लिए डीआरएम कार्यालय से ग्राउंड जाने वाली सड़क का डामरीकरण कराया जा रहा है। ग्राउंड में नई सीसी रोड भी बनाई गई है।



