सभी नगर पंचायत और नगर पालिकाओं में रख रखाव की जिम्मेदारी भी तय होगी
कोरबा। महापुरुषों की प्रतिमाओं की उपेक्षा की शिकायतों के बाद पहली बार राज्य में इनका ऑनलाइन डेटाबेस बनेगा। सभी पालिका और पंचायतों से प्रतिमाओं की संख्या और नाम की जानकारी मांगी गई है। नगरीय प्रशासन विभाग ने जिले के सभी निकायों को 12 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की है। इसमें नियमित निरीक्षण, सफाई, सौंदर्गीकरण, लाइट, सुरक्षा, चबूतरा, विशेष अवसरों की व्यवस्था, अनुशासन, अभिलेख फोटो दस्तावेजीकरण और नई प्रतिमाओं की स्थापना के निर्देश हैं।
अभी मेंटेनेंस और खर्च निकाय उठाते हैं। अब स्वतंत्रता सेनानियों, संविधान निर्माताओं, महापुरुषों, समाज सुधारकों और जननायकों की प्रतिमाओं की फोटो-लोकेशन ऑनलाइन होगी फंड और मेंटेनेंस के हिसाब से जारी होगा। शहरों के चौक-चौराहों और उद्यानों में स्थापित महापुरुषों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और समाज सुधारकों की प्रतिमाएं अब उपेक्षा की शिकार नहीं होंगी। हर निकाय को अपनी सीमा में स्थापित मूर्तियों की पूरी जिम्मेदारी तय करनी होगी। प्रतिमाओं के मेंटेनेंस के साथ ही अब नई प्रतिमा लगाने के लिए भी नियम तय कर दिए गए हैं। इसे सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के जिम्मेदार अफसरों तक पहुंचा दिया जाएगा। गाइडलाइन के बाद नई प्रतिमाएं गाइडलाइन के अनुसार ही लग पाएंगी। इतना ही नहीं प्रतिमा लगाने से उसके रख-रखाव तक के लिए अफसरों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सभी निकाय वालों को हर अफसर का नाम तय करना होगा। मूर्तियों की सफाई, धुलाई, पेंटिंग, पॉलिशिंग और चबूतरे-टाइल्स की मरम्मत के लिए वार्षिक बजट तय होगा। प्रतिमाओं के आसपास पर्याप्त रोशनी (लाइट्स) और पौधे लगाए जाएंगे ताकि रात में भी प्रतिमाएं गरिमापूर्ण और स्पष्ट दिखें। सफाई और मरम्मत कार्य का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिसमें काम से पहले और बाद के फोटोग्राफ शामिल होंगे। प्रतिमा परिसर में अनधिकृत निर्माण, अवैध पार्किंग, पोस्टर-बैनर और कचरा फैलाने वालों पर सख्त पाबंदी होगी। निकायों को हर 3 महीने में मूर्तियों की स्थिति और संधारण का अनुपालन प्रतिवेदन उच्च अधिकारियों को भेजना होगा।
इसलिए जरूरत पड़ी
नगर पंचायतों में कई बार प्रतिमाएं खराब लगाने की शिकायतें आ रही थीं। निगम को कई बार प्रतिमा लगाने के बाद उसकी जगह बदलनी पड़ रही थी। प्रतिमाएं खंडित होने से विवाद की स्थिति पैदा हो रही थी। इस पर रोक लगेगी। प्रतिमाओं की सफाई नहीं होने संबंधित समाज या वर्ग वाले नाराज हो जाते हैं। । प्रतिमाएं बनाने के लिए कई बार बजट को लेकर विवाद होता आया है इसे रोकेंगे।



