छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिम समुदाय के प्रवेश को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते हैं और हिंदू धर्म को नहीं मानते हैं, उन्हें गरबा कार्यक्रमों में नहीं जाना चाहिए। मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कुछ लोग नाम बदलकर ऐसे आयोजनों में पहुंचते हैं और बदमाशी करते हैं। प्रशासन को ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान करके उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी चाहिए और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का संदर्भ
मंत्री ने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों को गरबा से दूर रहने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का यह सोचना बिल्कुल सही है कि मूर्ति पूजा न करने वालों को गरबा में जाने से बचना चाहिए। यदि किसी को कार्यक्रम देखने का बहुत शौक है, तो वह अपनी मां और बहन समेत पूरे परिवार के साथ वहां जा सकता है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि नाम छिपाकर या पहचान बदलकर धार्मिक कार्यक्रमों में जाना गलत है। आपसी वैमनस्यता रोकने के लिए ऐसे लोगों को चिह्नित करके पुलिस प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
मंत्री ने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों को गरबा से दूर रहने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड अध्यक्ष का यह सोचना बिल्कुल सही है कि मूर्ति पूजा न करने वालों को गरबा में जाने से बचना चाहिए। यदि किसी को कार्यक्रम देखने का बहुत शौक है, तो वह अपनी मां और बहन समेत पूरे परिवार के साथ वहां जा सकता है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि नाम छिपाकर या पहचान बदलकर धार्मिक कार्यक्रमों में जाना गलत है। आपसी वैमनस्यता रोकने के लिए ऐसे लोगों को चिह्नित करके पुलिस प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।



