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अंडरब्रिज बना परेशानी का सबब, बरसाती पानी और कीचड़ से आवागमन बेहाल

थाना के समीप बायपास अंडरब्रिज में लंबे समय से जलभराव होने से राहगीर परेशान

चांपा। थाना के समीप बायपास रोड पर करोड़ों की लागत से निर्मित अंडरब्रिज इन दिनों नागरिकों के लिए सुविधा से अधिक परेशानी का कारण बनता नजर आ रहा है। रेलवे ट्रैक पार करने के जोखिम से लोगों को राहत देने और सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस अंडरब्रिज में लंबे समय से पानी और कीचड़ जमा रहने की शिकायत सामने आ रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बारिश के दिनों में समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जिससे राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस स्थान पर अंडरब्रिज का निर्माण कराया गया है, वहां पहले से ही डबरी एवं दलदली जमीन मौजूद थी। इसके बावजूद स्थल को समतल कर उसी स्थान पर अंडरब्रिज का निर्माण कराया गया। निर्माण से पहले यदि स्थल की भौगोलिक एवं जलभराव की स्थिति का समुचित तकनीकी आकलन किया गया होता, तो वर्तमान में सामने आ रही समस्या से बचने के लिए बेहतर जल निकासी व्यवस्था पहले से तैयार की जा सकती थी। अंडरब्रिज में जलभराव की समस्या को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसकी जल निकासी व्यवस्था पर उठ रहा है। लोगों का आरोप है कि आसपास मौजूद डबरी और दलदली क्षेत्र से पानी अंडरब्रिज की ओर पहुंचता है, लेकिन जमा पानी को बाहर निकालने के लिए प्रभावी एवं स्थायी व्यवस्था नजर नहीं आती। इसके चलते पानी लंबे समय तक जमा रहता है और धीरे-धीरे गंदगी व कीचड़ की स्थिति पैदा हो जाती है। बारिश के दौरान राहगीरों को इसी पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। कई लोग अंडरब्रिज से गुजरने के बजाय दूसरे रास्ते का उपयोग करने को मजबूर हैं, जबकि कुछ लोगों के लिए रेलवे क्रॉसिंग की ओर जाना मजबूरी बन जाता है। जबकि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में आसपास के नागरिक का पैदल जाना रहता है और मोटरसाइकल में लोग आसपास के गांव जाने में उपयोग करते हैं वही अंडरब्रिज निर्माण से पहले रेलवे की संबंधित तकनीकी टीम द्वारा स्थल का मौका-मुआयना और सर्वे किया गया था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या उस समय वहां मौजूद डबरी, दलदली जमीन और जलभराव की संभावित स्थिति का तकनीकी आकलन किया गया था यदि स्थल पर पहले से पानी जमा होने की संभावना थी, तो निर्माण के दौरान उसके स्थायी निकासी प्रबंध को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई। लोगों के बीच यह सवाल भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर अंडरब्रिज के निर्माण की योजना तैयार करते समय जल निकासी से जुड़े पहलुओं को किस स्तर तक ध्यान में रखा गया था। अंडरब्रिज में लंबे समय तक पानी जमा रहने को लेकर क्षेत्रवासियों ने इसकी संरचनात्मक मजबूती पर भी चिंता जताई है। हालांकि, केवल जलभराव के आधार पर अंडरब्रिज की संरचनात्मक स्थिति अथवा मजबूती को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। इसके लिए रेलवे के सक्षम तकनीकी अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा मौके का निरीक्षण और आवश्यक तकनीकी जांच किया जाना जरूरी है।क्षेत्रवासियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि अंडरब्रिज का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि लगातार हो रहे जलभराव का अंडरब्रिज की संरचना, सड़क की स्थिति और आसपास के क्षेत्र पर कोई प्रतिकूल प्रभाव तो नही पड़ रहा है। नागरिकों ने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित करने, पानी और कीचड़ की समस्या दूर करने तथा बारिश के दौरान सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है। जिस अंडरब्रिज का उद्देश्य लोगों को रेलवे ट्रैक पार करने के जोखिम से बचाकर सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराना था, यदि वही अंडरब्रिज लंबे समय तक गंदे पानी और कीचड़ से भरा रहे, तो उसकी उपयोगिता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब देखना यह होगा कि रेलवे प्रशासन इस समस्या का संज्ञान लेकर तकनीकी जांच और स्थायी जल निकासी व्यवस्था की दिशा में क्या कदम उठाता है।

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