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एक खाते से 2.71 करोड़ का खेल: 2000 मोबाइल नंबर खंगाले तो खुला साइबर ठगी का बड़ा राज, तीन आरोपी गिरफ्तार

सारंगढ़ पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेनदेन कराने वाले तीन आरोपियों को दुर्ग से गिरफ्तार किया। एक खाते से 2.71 करोड़ रुपये का लेनदेन मिला।

सारंगढ़ जिले के पुलिस ने म्यूल अकाउंट के जरिये साइबर ठगी की रकम का अवैध लेनदेन कराने वाले तीन आरोपियों को दुर्ग जिले के पुलगांव अंतर्गत चंद्रखुरी से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में धरसींवा के सोंडरा निवासी चेतन निषाद उर्फ भदरी उर्फ लक्की (23), दुर्ग के चंद्रखुरी निवासी देवा श्रीकांत चंद्राकर (31) और योगेंद्र चंद्राकर (32) शामिल हैं। ये आरोपी ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के बदले कमीशन लेते थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर सारंगढ़ उपजेल भेज दिया गया है।

एक खाते से 2.71 करोड़ रुपए का लेनदेन

मामले का खुलासा तब हुआ जब साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान एक बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन दिखाई दिए। पड़ताल में यह बैंक खाता दिनेश बंजारे के नाम पर दर्ज मिला। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि दिनेश बंजारे ने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम कार्ड साइबर ठगों को दिए थे। इस एक खाते से केवल एक वर्ष के भीतर 2 करोड़ 71 लाख 75 हजार 719 रुपये से अधिक की राशि का अवैध लेनदेन किया गया। देश के विभिन्न राज्यों में इस खाते से जुड़ी 56 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज पाई गईं।

2000 मोबाइल नंबरों की जांच से मिला सुराग

मामले में पुलिस पहले ही सकरतुंगा निवासी अनिल पटेल, खाताधारक दिनेश बंजारे और उत्तम बाई बंजारे को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके बाद पुलिस ने गिरोह के अन्य बदमाशों की पहचान के लिए लगभग 2,000 मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। सबूतों के आधार पर पुलिस टीम ने 16 सितंबर को दुर्ग के चंद्रखुरी में छापेमारी कर तीन संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मोबाइल फोन में एपीके फाइल डाउनलोड करवा तथा सर्वर के माध्यम से अवैध लेनदेन कराते थे।

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