कटघोरा । कटघोरा क्षेत्र के ग्राम जुराली में लावारिस मवेशियों की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। रात के अंधेरे में खेतों में घुसकर मवेशी फसलों को रौंद रहे हैं, जिससे किसान बेहाल हैं। समस्या से तंग आकर किसानों और नगरवासियों ने नगर पालिका और एसडीएम कार्यालय में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और मांग पत्र सौंपा।
ग्राम जुराली एक कृषि प्रधान क्षेत्र है, जहाँ की लगभग 90 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है। किसानों का कहना है कि इस समय धान की फसल खड़ी है, लेकिन लावारिस पशु रातोंरात मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। किसान नारायण पटेल ने बताया, “हमारी पूरी जिंदगी खेती पर टिकी है। अगर ये मवेशी इसी तरह फसल बर्बाद करते रहे, तो पूरे गांव में अकाल जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी।”
यह समस्या केवल खेतों तक सीमित नहीं है। क्षेत्र की सड़कों पर बैठे आवारा पशुओं के कारण आए दिन गंभीर सड़क हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन्हीं मवेशियों की वजह से कई बार लोगों की मौत तक हो चुकी है, लेकिन प्रशासन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है।
प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने जुराली में गोठान तो बना दिया, लेकिन उसे चालू नहीं किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गोठान की हालत दयनीय है और न तो वहां चरवाहे की व्यवस्था है और न ही मवेशी बांधने की उचित सुविधा। “बस इसे शुरू कर दें और एक चरवाहा नियुक्त कर दें, हमारी समस्या खत्म हो जाएगी,” एक किसान ने गुस्से में कहा।
प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि सभी लावारिस मवेशियों को तुरंत पकड़कर गोठान में बंद किया जाए तथा सड़कों से हटाया जाए। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे के भीतर उनकी मांग नहीं मानी गई, तो वे आंदोलन तेज करेंगे और सड़कों पर उतर आएंगे। फिलहाल पूरे गांव में आक्रोश है और सभी की निगाहें प्रशासन की ओर टिकी हैं कि वह अब क्या कदम उठाता है।



