भारतनेट परियोजना के लिए 3,942 करोड़ स्वीकृत
महासमुंद। ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात मिली है। केंद्र सरकार के संचार मंत्रालय ने भारतनेट (BharatNet) परियोजना के तहत राज्य के लिए 3,942 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना के माध्यम से 11 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी की पहल और लगातार किए गए प्रयासों को अहम माना जा रहा है।
दरअसल, 5 दिसंबर 2025 को लोकसभा में सांसद रूपकुमारी चौधरी ने भारतनेट 2.0 की जमीनी स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने सदन में कहा था कि डिजिटल इंडिया की यह महत्वाकांक्षी योजना छत्तीसगढ़ में अपेक्षित गति से लागू नहीं हो पाई है। कई स्थानों पर ऑप्टिकल फाइबर केबल का कार्य अधूरा पड़ा है, खुदाई अधूरी छोड़ दी गई है और ग्राम पंचायतों, शासकीय स्कूलों तथा स्वास्थ्य केंद्रों को डिजिटल कनेक्टिविटी का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सांसद ने यह भी बताया था कि जल जीवन मिशन सहित अन्य विकास कार्यों के दौरान कई जगह पहले से बिछी फाइबर केबल क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन उनके समन्वय और मरम्मत के लिए ठोस व्यवस्था नहीं की गई। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
संसद में यह मुद्दा उठाने के बाद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने केंद्रीय संचार मंत्री से मुलाकात कर विस्तृत मांग-पत्र सौंपा। इसमें परियोजना की समीक्षा, जिम्मेदारी तय करने तथा राज्य में डिजिटल नेटवर्क के प्रभावी पुनःक्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके बाद केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में भारतनेट परियोजना को नई तकनीकी संरचना के साथ आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। नई स्वीकृति के तहत विकसित होने वाला रिंग टोपोलॉजी आधारित नेटवर्क अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय माना जाता है। इस तकनीक में यदि किसी एक स्थान पर नेटवर्क बाधित होता है तो इंटरनेट सेवा वैकल्पिक मार्ग से जारी रहती है, जिससे कनेक्टिविटी प्रभावित नहीं होती।
*डिजिटल गतिविधियों को गति मिलने की संभावना*
इस परियोजना के क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस सेवाओं, ऑनलाइन शिडिजिटल कनेक्टिविटी आज ग्रामीण विकास की आधारभूत आवश्यकता, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान और अन्य डिजिटल गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। ग्राम पंचायतों, स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण समुदायों को बेहतर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि संसद में यह विषय उठाए जाने और उसके बाद मंत्रालय स्तर पर की गई पहल ने इस परियोजना को नीति स्तर पर प्राथमिकता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सांसद रूपकुमारी चौधरी ने इस मुद्दे को केवल अपने संसदीय क्षेत्र तक सीमित न रखते हुए पूरे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों की डिजिटल जरूरतों को सामने रखा। सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि बन चुकी है और भारतनेट परियोजना का विस्तार छत्तीसगढ़ के गांवों को डिजिटल इंडिया के लाभों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।




