Rastriya poshan mah: राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत डीबी गर्ल्स कॉलेज में विविध कार्यक्रम आयोजित
Rastriya poshan mah: रायपुर। 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत शासकीय दुधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय रायपुर के गृहविज्ञान विभाग द्वारा छात्राओं में पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम “मेरी आंगनबाड़ी, मेरी जिम्मेदारी” एवं “सशक्त भारत, सुपोषित भारत” रही।

कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं को संतुलित आहार, मातृ एवं बाल पोषण, कुपोषण की रोकथाम तथा स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों के पोषण महत्व से अवगत कराना था। कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत 17 सितंबर को पोषण एवं स्वास्थ्य विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में डॉक्टर अभया जोगलेकर, प्राचार्य बीपी लोधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय आरंग रही, 26 सितम्बर को निबंध लेखन तथा स्वस्थ आहार/पाक कला प्रतियोगिता, 28 सितम्बर को पोस्टर मेकिंग एवं स्लोगन लेखन प्रतियोगिता तथा 29 सितम्बर को पोषण मेला एवं प्रदर्शनी आयोजित की गई।

पाक कला प्रतियोगिता में छात्राओं ने स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों का उपयोग कर नवीन एवं स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन तैयार किए। पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता में जंक फूड, पारंपरिक आहार, संतुलित आहार, बाल एवं मातृ पोषण तथा आंगनबाड़ी की भूमिका जैसे विषयों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया।

पोषण मेला एवं प्रदर्शनी में कम लागत में पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक भोजन तैयार करने की अवधारणा को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। छात्राओं ने विभिन्न पौष्टिक खाद्य पदार्थों एवं व्यंजनों के माध्यम से स्वस्थ भोजन के महत्व को समझाया।

Rastriya poshan mah: छात्राओं को पोषण संबंधी संदेशों को समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया
गृहविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शिप्रा बनर्जी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रमों में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम संयोजन में डॉ. अलका वर्मा, डॉ. रेखा दीवान एवं श्रीमती ज्योति मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि संतुलित, पौष्टिक, स्थानीय एवं किफायती आहार स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज की आधारशिला है। साथ ही, छात्राओं को पोषण संबंधी संदेशों को समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।



