raipur news: रायपुर। ‘गृहविज्ञान संकाय, शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर (स्वायत्तशासी) महाविद्यालय में 15 अक्टूबर को जूट आर्ट एंड क्राफ्ट’ पर 15-दिवसीय शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट कोर्स का सफल आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य छात्राओं में हुनर का विकास , आत्मनिर्भरता और पर्यावरण-अनुकूल कला को बढ़ावा देना।
प्रस्तावना व शुभारंभ: छात्राओं के भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने और उन्हें स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से शासकीय दू ब महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर, छत्तीसगढ़ के गृहविज्ञान संकाय द्वारा इस विशेष जूट आर्ट एंड क्राफ्ट कोर्स की शुरुआत 1 अक्टूबर को की गई। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ जया तिवारी, गृहविज्ञान संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ शिप्रा बैनर्जी, कला विशेषज्ञ डॉ ऋचा ठाकुर और समस्त प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ जया तिवारी, गृहविज्ञान संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ शिप्रा बैनर्जी, कला विशेषज्ञ डॉ ऋचा ठाकुर और समस्त प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु
15 दिनों तक चले इस गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र के दौरान छात्राओं को जूट से विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां और उपयोगी वस्तुएं बनाना सिखाया गया, जिसमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- घरेलू सजावट की वस्तुएं: जूट के खूबसूरत वॉल हैंगिंग, लैंप शेड, फूलदान और टेबल मैट।
- फैशन और लाइफस्टाइल उत्पाद: आधुनिक जूट बैग, पर्स, पाउच और विभिन्न प्रकार के जूट के आभूषण
- पारंपरिक व रचनात्मक शिल्प: जूट की कलात्मक गुड़िया, टोकरियाँ और उत्सवों के अनुकूल उपहार सामग्रियां।
कौशल विकास और आत्मनिर्भरता
प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को न केवल जूट उत्पाद बनाना सिखाया गया बल्कि उन्हें व्यवसाय की बारीकियों से भी रूबरू कराया गया। गृहविज्ञान संकाय के विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं को:
- लागत और बजट निर्धारण
- जूट उत्पादों की फिनिशिंग और पैकेजिंग
- डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय बाजारों के माध्यम से मार्केटिंग करने के तरीके सिखाए गए ताकि भविष्य में वे स्वयं का स्टार्टअप या गृह-उद्योग शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें।

समापन समारोह एवं प्रदर्शनी: 15 अक्टूबर को इस शॉर्ट टर्म कोर्स का समापन हुआ। कौशल संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित ‘जूट सर्टिफिकेट कोर्स’ की छात्राओं द्वारा एक विशेष उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन दिनांक 24 अक्टूबर 2026 को किया गया। माननीय प्राचार्य महोदया डॉ जया तिवारी जी ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उनका स्वागत विभागाध्यक्ष डॉ शिप्रा बैनर्जी ने पुष्प गुच्छ देकर किया। प्राचार्य महोदया ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जूट जिसे हम ‘गोल्डन फाइबर’ भी कहते हैं, केवल एक धागा नहीं है। आज के समय में यह पर्यावरण संरक्षण, आत्मनिर्भरता और कलात्मकता का एक बहुत बड़ा माध्यम बन चुका है। प्लास्टिक के बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ जूट एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प है। इस प्रदर्शनी में छात्राओं द्वारा हस्तनिर्मित जूट के बेहतरीन और पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद जैसे- फैंसी बैग, वॉल हैंगिंग, टोकरियाँ, मैट और विभिन्न सजावटी सामग्रियाँ प्रदर्शित की गई। यह प्रदर्शनी छात्राओं के हुनर, रचनात्मकता और उद्यमिता कौशल बढ़ावा देने के लिए आयोजित की गई।
गृहविज्ञान संकाय द्वारा आयोजित यह जूट आर्ट एंड क्राफ्ट कोर्स छात्राओं के लिए अत्यधिक ज्ञानवर्धक और रोजगारोन्मुखी साबित हुआ। प्लास्टिक के विकल्पों के रूप में जूट के इको-फ्रेंडली उत्पादों को बढ़ावा देकर कॉलेज ने न केवल कौशल विकास का संदेश दिया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाई।



