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श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर राजा परीक्षित एवं भगवान भोलेनाथ के दिव्य प्रसंगों का हुआ भावपूर्ण वर्णन

कथावाचिका किशोरी छाया दुबे ने भजनों और संगीतमय कथा से श्रद्धालुओं को झूमने पर किया मजबूर, कथा पंडाल में उमड़ी भक्तों की भीड़

झपेली (बलौदा)। ग्राम पंचायत झपेली में कश्यप परिवार के तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। 1 नवंबर से 8 नवंबर तक आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं। कथा के दूसरे दिन कथावाचिका किशोरी छाया दुबे (चांपा) ने भगवान की महिमा, राजा परीक्षित के प्रसंग तथा भगवान भोलेनाथ से जुड़े दिव्य प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

कथा के दौरान कथावाचिका किशोरी छाया दुबे ने अपनी मधुर वाणी, संगीतमय प्रस्तुति और भक्ति से ओतप्रोत भजनों के माध्यम से भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति, सदाचार और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास का संदेश दिया। कथा में जब भगवान की महिमा का संगीतमय वर्णन हुआ तो उपस्थित श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर झूमने लगे। पूरा कथा पंडाल जयकारों और भजनों से गूंज उठा।

कथावाचिका ने अपने प्रवचन में बताया कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ का श्रवण मात्र नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन को सही दिशा देने वाली अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर है। भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के भीतर भक्ति, प्रेम, दया, करुणा और सद्भाव जैसे गुणों का विकास होता है। भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा और समर्पण ही जीवन को सार्थक बनाते हैं।

राजा परीक्षित के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने जीवन की नश्वरता, समय के सदुपयोग और प्रभु भक्ति के महत्व को समझाया। वहीं भगवान भोलेनाथ से जुड़े प्रसंगों का वर्णन करते हुए शिवभक्ति और भगवान के प्रति अटूट आस्था का महत्व बताया। कथा के बीच-बीच में प्रस्तुत किए गए भक्ति गीतों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु देर तक भजनों की धुन पर झूमते और भगवान के जयकारे लगाते नजर आए।

ग्राम पंचायत झपेली में विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पास भव्य कथा पंडाल तैयार किया गया है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी नागरिक, महिलाएं, पुरुष एवं युवा पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का आनंद ले रहे हैं। आयोजन को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

कश्यप परिवार के इस धार्मिक आयोजन से गांव में आध्यात्मिक एवं भक्तिमय वातावरण निर्मित हो रहा है। आयोजकों द्वारा क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की गई है।
सात दिवसीय इस संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का समापन 8 नवंबर को होगा। कथा के आगामी दिनों में भी विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रसंगों का संगीतमय वर्णन किया जाएगा।

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