जांजगीर-चांपा। अकलतरा के सिंचाई कॉलोनी निवासी होमेश्वर सिंह राठौर उर्फ अन्नू की सोमवार शाम निर्माणाधीन व्यवहार न्यायालय भवन परिसर में फांसी पर लटकी लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक एक चिकित्सक के यहां कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। घटना के बाद मौके से सुसाइड नोट और थाना प्रभारी के नाम लिखा एक आवेदन मिलने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक पारिवारिक विवाद और कथित धमकियों से परेशान था। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को होमेश्वर और उसकी पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद पत्नी ने अपने पिता शिवानंद राठौर, निवासी जांजगीर, को फोन कर अकलतरा बुलाया। आरोप है कि अकलतरा पहुंचने के बाद शिवानंद राठौर अपनी बेटी को साथ ले गए तथा होमेश्वर, उसके माता-पिता और दोनों बहनोई को दहेज प्रताड़ना के मामले में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी। ये आरोप परिजनों की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है। बताया गया है कि घटना के बाद होमेश्वर के पिता देवी सिंह राठौर को ब्रेन हेमरेज हो गया। उन्हें उपचार के लिए अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार को अस्पताल से लौटने के बाद होमेश्वर कथित तौर पर ससुर की धमकियों को लेकर शिकायत दर्ज कराने अकलतरा थाने पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि उसने थाना प्रभारी के नाम आवेदन देकर अपनी परेशानी बताने की कोशिश की, लेकिन उसका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया। परिजनों के अनुसार, पारिवारिक कलह, पत्नी से अलगाव, पिता की गंभीर बीमारी और कथित धमकियों के चलते होमेश्वर मानसिक रूप से बेहद परेशान था। इसी बीच सोमवार शाम निर्माणाधीन व्यवहार न्यायालय भवन परिसर में उसका शव फांसी पर लटका मिला। घटनास्थल से सुसाइड नोट और थाना प्रभारी के नाम लिखा आवेदन मिलने की जानकारी भी सामने आई है। सुसाइड नोट में क्या लिखा है और घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
होमेश्वर की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके पांच वर्षीय पुत्र और दो वर्षीय पुत्री के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।



