सक्ती। सक्ती के तत्कालीन एसडीएम को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत ने एस डी एम सहित दो अन्य को 28 नवंबर तक उपस्थित होकर जवाब देने का आदेश दिया है। यह नोटिस व्यवसायी जगदीश बंसल द्वारा दायर 1 करोड़ की मानहानि की एसएलपी पर जारी हुआ है। मामला 2018-19 का है, जब सक्ती में पदस्थापना के दौरान बर्मन पर व्यक्तिगत रंजिश से बंसल को विधि-विरुद्ध नोटिस देकर परेशान करने और 5 लाख की अवैध मांग करने का आरोप लगा था। विरोध में वैधानिक नोटिस भेजने पर बंसल के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने विधि-विरुद्ध मानते हुए निरस्त कर दिया था। प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने को लेकर 1 करोड़ हर्जाने का दावा किया। जिला और हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई, जिस पर 13 अक्टूबर को सुनवाई हुई।पूर्व में राजस्व मंडल ने बंसल के व्यावसायिक कार्यालय को बुलडोजर से तोड़े जाने को निजी भूमि पर पाते हुए उन्हें मुआवजे का हकदार ठहराया था। बंसल की पत्नी के खिलाफ दर्ज एफआईआर का मामला भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट में बंसल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रविन्द्र श्रीवास्तव, अंशुमान एवं अभिजीत श्रीवास्तव ने पक्ष रखा।



