चांपा। सेवानिवृत्ति के अवसर पर विदाई समारोह के बजाय शिक्षक मिलन समारोह आयोजित कर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिर्रा के सेवानिवृत्त व्याख्याता एफ.एल. साहू ने अनोखी और प्रेरणादायी पहल की। समारोह में बिर्रा अंचल के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक शिक्षिकाएं, जनप्रतिनिधि एवं पत्रकार बड़ी संख्या में शामिल हुए।कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं वंदना से हुई। छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अतिथियों का शाल, श्रीफल एवं पुष्पमाला से सम्मान किया गया। जितेन्द्र तिवारी ने शिक्षक साहू के 33 वर्षों के शिक्षकीय जीवन और संघर्षों की सराहना करते हुए उन्हें ‘कर्मयोगी शिक्षक सम्मान’ से सम्मानित किया।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डहरिया ने कहा कि शिक्षक एक परिवार की तरह होते हैं और सेवानिवृत्ति के अवसर पर साथियों से मिलना अपने आप में बड़ा सम्मान है। भागवताचार्य पं. गीता प्रसाद तिवारी ने साहू की इस पहल को अनुकरणीय बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। अपने संबोधन में एफ.एल. साहू ने कहा कि वे साधारण परिवार से आते हैं और ‘सत्यमेव जयते’ को जीवन का आधार मानते हैं। उन्होंने कहा कि अपने पढ़ाए विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में सफल होते देखकर उन्हें गर्व और खुशी होती है। उन्होंने समारोह में बड़ी संख्या में शामिल हुए शिक्षक साथियों और अतिथियों के प्रति आभार जताया। इस कार्यक्रम को मनोज कुमार तिवारी, एम.एल. साहू, प्रभारी प्राचार्य श्रीमती सीता सूर्यवंशी एवं सुदीप दीपक पाल सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। संचालन व्याख्याता कृष्ण कुमार देवांगन ने किया। समारोह में विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक शिक्षिकाएं, पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। शिक्षक साहू की यह पहल बिर्रा अंचल में सेवानिवृत्ति को विदाई के बजाय मिलन और प्रेरणा का अवसर बनाने की मिसाल बन गई।



