1200 नागरिकों को किया जागरूक, यूपीआई फ्रॉड और फर्जी लिंक से बचने दी समझाइश
कोरबा। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं के बीच कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों को डिजिटल ठगी से बचाने के लिए साइबर जागृति अभियान को तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले के निर्देशन में रविवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के दौरान करीब 1200 नागरिकों और छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए गए।
शहर के पॉम मॉल में वीकेंड के दौरान आयोजित जागरूकता कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अलावा थाना कोतवाली, बालको, दर्री, दीपका, बांकीमोंगरा, सिविल लाइन, पाली, बांगो, रजगामार, चैतमा सहित अन्य थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने छात्रावासों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। पुलिस ने लोगों को यूपीआई फ्रॉड, बैंक फ्रॉड, फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, संदिग्ध एपीके फाइल और फर्जी वेबसाइट के जरिए होने वाली ठगी के प्रति सावधान किया। नागरिकों को समझाइश दी गई कि वे अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड अथवा बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।अभियान के तहत पाली के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, कटघोरा के ग्राम घड़ीपकना, दीपका के ग्राम झाबर, बांकीमोंगरा के मैगजीन ग्राउंड, दर्री के भवानी बाजार, करतला के बांधापाली, रजगामार के ओमपुर बाजार, हरदीबाजार के बोईदा, चैतमा के पोटापानी, पसान के आदिम जाति बालक छात्रावास, बांगो के पोड़ी तथा मोरगा के बालक छात्रावास समेत कई स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम हुए।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या साइबरक्राइम.गॉव.इन पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराएं। पुलिस ने बताया कि ठगी के तुरंत बाद शिकायत किए जाने पर रकम को रोकने की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की अपील की है।



