ग्रामीणों ने 15 दिन पहले जन्मे नन्हे हाथी की छठी का अनोखा आयोजन किया। जंगल की सीमा पर हुए इस आयोजन में गांव के लोगों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों से पूजा-अर्चना कर शावक के स्वस्थ जीवन की कामना की।
जिले में गणेश चतुर्थी के दिन जन्मे नन्हे हाथी शावक की छठी का आयोजन किए जाने की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। शावक के जन्म के 15 दिन बाद मंगलवार को ग्रामीणों ने विधि विधान पूर्वक यह अनोखा आयोजन किया और शावक के स्वस्थ जीवन की कामना की। इस दौरान बड़ी संख्या में गांव के लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम में गनपतपुर गांव के सरपंच हरिओमशंकर राठिया, हरिश्चंद्र राठिया, ससकोबा टीएसएस अध्यक्ष बोधसिंह राठिया, ससकोबा सरपंच पति अनिल कुमार राठिया, मुनेश्वर राठिया (डीसीसी), रैरूमा खुर्द के अमित कुमार राठिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे मौजूद रहे।
गांव में 31 हाथियों का दल मौजूद
गौरतलब है कि वर्तमान में बाकारुमा रेंज के ससकोबा क्षेत्र में हाथियों का दल मौजूद है, जिसमें करीब 31 हाथियों की मौजूदगी बताई है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों के दल की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और गांव के लोगों को हाथियों से दूरी बनाए रखने अपील की जा रही है।



