नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े ही धूमधाम और गर्व के साथ मना रहा है। पीएम मोदी मुख्य समारोह की अगुवाई की लाल किले की प्राचीर से कर रहें हैं, जहां वे लगातार 13वीं बार ध्वजारोहण किए।
सुरक्षा के लिहाज से पूरी राजधानी को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। 25,000 से अधिक जवानों की तैनाती, 1,000 से ज्यादा एआई (AI) आधारित सीसीटीवी कैमरों और एंटी-टेरर रिस्पॉन्स मैकेनिज्म के साथ लाल किले पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
पीएम मोदी ने रखा अगले पांच साल का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में भारत के विकास और आत्मनिर्भरता को गति देने के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ (ऊर्जा की सात धाराओं) का आह्वान किया। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति-शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी, और भारत की सॉफ्ट पावर को इन सात शक्तियों के रूप में रेखांकित किया।
भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनना होगा
डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का भरोसेमंद केंद्र बनना होगा। इसके लिए मैं 3 चीजों पर विशेष जोर देना चाहता हूं। मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में जो मेरे भाई-बहन हैं, वो इस अवसर को जाने न दें।इसके लिए हमें लागत, गुणवत्ता और पैमाने के वैश्विक सर्वे पर खरा उतरना होगा।
हमारे किसानों के लिए दुनिया के बाजार खुल चुके हैं
पीएम मोदी ने कहा, सप्तधारा की दूसरी शक्ति है- कृषि और food processing। हमें इस दिशा में आगे बढ़ना होगा। हमारे किसानों के लिए अब दुनिया के बाजार खुल चुके हैं। FTA के कारण हमें एक बहुत बड़ा मार्केट मिल रहा है, हमें वहां पहुंचना है। हमें खेत से लेकर export market की ओर जाना होगा। हमारे पारंपरिक खानपान, millets, मसाले और फल-फूल global brands बनने चाहिए।
सरकार विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है- पीएम मोदी
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं, “आने वाले 5 से 7 वर्षों में हमें वह हासिल करना है जो पिछले 5 से 7 दशकों में नहीं हो सका। आने वाले वर्षों में सरकार सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है, सोच में सुधार और हमारे लक्ष्यों में सुधार।”
हमें इस अवसर को नहीं गंवाना चाहिए
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में कहा, “भारत के पास एक स्थिर राजनीतिक जनादेश, एक स्थिर सरकार, एक जीवंत लोकतंत्र, एक मजबूत न्यायपालिका और एक ऐसा संविधान है जो हम सभी का मार्गदर्शन करता है। हाल ही में हमने जो व्यापार समझौते किए हैं, वे हमारे लिए एक शानदार अवसर लेकर आए हैं। मैं अपने MSME से कहना चाहता हूं कि हमें इस अवसर को नहीं गंवाना चाहिए।”
जब सोच ठहर जाती है तो हम क्षमता को नहीं पहचान पाते
देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ” किसी देश की तरक्की अक्सर संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि उसकी सोच की सीमाओं से रुकती है। जब सोच ठहर जाती है और दायरे में सिमट जाती है, तो हम अपनी असली क्षमता को नहीं पहचान पाते। आज भी देश कच्चे तेल के लिए दूसरों पर निर्भर है और यह स्थिति एक गलत सोच का नतीजा है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसी सोच की वजह से हमारे समुद्र तट का 99% हिस्सा ‘नो-गो एरिया’ (जहाँ जाने की मनाही हो) घोषित कर दिया गया था। हमने समुद्र की गहराइयों को खंगालने का विचार ही छोड़ दिया था। यह सोच की गरीबी थी। हमने तय किया कि ऐसा नहीं चल सकता। हमने उस 99% हिस्से को—जो कभी ‘नो-गो ज़ोन’ हुआ करता था—अब ‘गो-अहेड जोन’ (जहाँ जाने की इजाज़त हो) बना दिया है। अब हम समुद्र की गहराई में खोज करने और नए भंडार ढूंढने के काम में तेजी से जुटे हैं। पिछले साल हमने इस दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए ‘समुद्र मंथन’ पहल की घोषणा की थी, और हाल ही में हमने इस काम को और तेज़ करने के लिए 85,000 करोड़ आवंटित करने का फैसला किया है।”
कुछ लोगों को देश में डर का माहौल बनाने में मजा आता
पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 10-12 वर्षों में हमने कई खतरों का सामना किया है। जैसे ही हम कोविड से बाहर निकले, यूक्रेन और पश्चिम एशिया से युद्ध की खबरें आने लगीं। तनाव का माहौल बन गया था। न जाने लोगों ने क्या-क्या भविष्यवाणियां की थीं! कुछ लोगों को देश में डर का माहौल बनाने में मजा आता था; वे अफवाहें फैलाते थे कि वैक्सीन नहीं मिलेगी, देश में पेट्रोल, डीज़ल और खाद नहीं मिलेगी। कुछ लोग देश में बेचैनी का माहौल बनाकर खुश हो रहे थे।”
देश को कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा
पीएम मोदी ने कहा, “आज देश को कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है, ये हमारी गलत सोच के कारण है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि हमने अपने समुद्र तट के 99% हिस्से को ‘नो-गो एरिया’ घोषित कर दिया था। हमने खुद ही तय किया था कि हम खोज के लिए समुद्र में नहीं जाएंगे। यह सोच की कमी थी। जो इलाके कभी ‘नो-गो एरिया’ माने जाते थे, वे अब ‘गो-अहेड एरिया’ बन गए हैं।”
हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन शुरू करके भारत ने उठाया बड़ा कदम
भारत में रेलवे का विद्युतीकरण 1925 में शुरू हुआ था। फिर भी, लगभग 90 वर्षों में रेलवे नेटवर्क का केवल 30% हिस्सा ही विद्युतीकृत हो पाया था। सिर्फ पिछले दशक में ही भारत ने 100% रेलवे विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इससे आयातित डीजल पर निर्भरता काफी कम हुई है और साथ ही पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में भी मदद मिली है। भारत ने अपनी पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन शुरू करके एक और बड़ा कदम आगे बढ़ाया है।
700 शहरों में गैस पाइप लाइन
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “12 साल पहले, सिर्फ़ 70 शहरों में पाइप वाली गैस लाइन की सुविधा थी। पिछले 12 सालों में यह संख्या बढ़कर 700 शहर हो गई है। आज देश में 1.75 करोड़ घर पाइप वाली गैस लाइन से जुड़े हैं।”
देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सभी ने किया प्रयास
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “…पिछले 12 वर्षों में, अनगिनत नागरिकों—चाहे वे दलित हों, शोषित हों, हाशिए पर रहने वाले हों या आदिवासी, ग्रामीण हों या शहरी, गरीब हों या मध्यम वर्ग के, युवा हों या बुजुर्ग, महिलाएं हों या पुरुष, उत्तर, दक्षिण, पूर्व या पश्चिम से हों, सभी ने देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अटूट संकल्प और समर्पण के साथ हर संभव प्रयास किया है। मैं इन प्रयासों का सम्मानपूर्वक सम्मान करता हूं।”
100% बढ़े डिजिटल ट्रांजैक्शन
80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 12 सालों में डिफेंस प्रोडक्शन चार गुना बढ़ा है, खादी और ग्रामोद्योग का प्रोडक्शन पांच गुना बढ़ा है, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना बढ़ी है। मोबाइल फोन का प्रोडक्शन 33% बढ़ा है और डिजिटल ट्रांजैक्शन 100% बढ़े हैं।”
ऊर्जा के बिना नई दुनिया को चलाना मुश्किल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, अब ऊर्जा के बिना भी नई दुनिया को चलाना मुश्किल है। इसलिए हमें chip, AI और डेटा सेंटर के लिए बहुत बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत पड़ेगी। Energy Security हमारे समय की मांग है। इसलिए हमने पहले से ही उस दिशा में एक के बाद एक मजबूत कदम उठाए हैं।
बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित परिवारों के साथ- पीएम मोदी
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हाल ही में देश के कुछ हिस्सों को बाढ़ और भूस्खलन की मार झेलनी पड़ी है। कई परिवार इससे प्रभावित हुए हैं और हम उनके दुख को गहराई से समझते हैं। मैं प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाता हूं कि हम और पूरा देश उनके साथ खड़ा है…”
दुनिया हमें अलग नजरिए से देखने के लिए मजबूर- पीएम मोदी
स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत का एक बड़ा सपना है कि 2047 तक वह एक विकसित देश बने। जब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश विकसित देश बनने का संकल्प लेता है, तो यह हमारे साहस की पहचान बन जाता है और दुनिया हमें एक अलग नजरिए से देखने के लिए मजबूर हो जाती है।”
बड़े सपने हमारी सोच को विस्तार देते हैं- पीएम मोदी
PM मोदी ने कहा कि मेरे प्यारे देशवासियों, कोई भी राष्ट तब महान बनता है जब अपनी सिद्धियों को प्राप्त करता है। जब अपने सपनों अपने संकल्पों और अपने सामर्थक के दम पर आगे बढ़ता है। बड़े सपने हमारी सोच को भी विस्तार देते हैं। हमारी सोच की खटीज को विस्तृत करते हैं।
इनोवेशन देख रही दुनिया
लाल किले से संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश विकास की राह पर चल पड़ा है और दुनिया इनोवेशन देख रही है।
लाल किले से वंदे मातरम का गायन
लाल किले से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मेरे प्यारे देशवासियों, आज हम सब 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। आज हर दिल की धड़कन वंदे मातरम् के नाद से गूंज रही है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है। देश उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्पों को लेकर आज आगे बढ़ रहा है।”
हर दिल में वंदे मातरम की धुन
पीएम मोदी ने लाल किले से देश को संबोधित करते हुए कहा, “आज हर दिल ‘वंदे मातरम’ की धुन पर धड़क रहा है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है।”



