कई विभागों में अधिकारी-कर्मचारियों की अनुपस्थिति से लोगों को हुई परेशानी
चांपा। शासकीय नौकरी पाना आज कल के बेरोजगार युवाओ का सपना है पर नौकरी पाने वाले लोग इसकी कद्र नही करते है। शासकीय कार्यालयों लगातार चार दिनों के अवकाश के बाद बुधवार, 21 अक्टूबर को जिले के शासकीय कार्यालय खुलने के बावजूद चांपा के कई विभागों में सन्नाटा पसरा रहा। अधिकारी-कर्मचारियों की अनुपस्थिति के चलते नियमित कामकाज प्रभावित होने की स्थिति बनी। जरूरी कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, 17 और 18 अक्टूबर को शनिवार-रविवार का अवकाश था। इसके बाद 19 अक्टूबर को शारदीय नवरात्रि की नवमी पर अवकाश घोषित किया गया था, जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व के कारण कार्यालय बंद रहे। लगातार छुट्टियों के बाद बुधवार को कार्यालय खुलने पर लोगों को अपने लंबित कार्य पूरे होने की उम्मीद थी, लेकिन कई विभागों में अधिकारी-कर्मचारियों की अनुपस्थिति से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
निर्धारित समय पर उपस्थिति नहीं, कामकाज प्रभावित–शासकीय कार्यालयों में सामान्य कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक निर्धारित है। इसके बावजूद समय पर कर्मचारियों की उपस्थिति नही होने की शिकायतें सामने आती हैं। फिर भी प्रशासन इन पर मेहरबान रहता है जिसके कारण ये शासन के आदेशों के खुलेआम धज्जियां उड़ाते हैं। सरकारी कार्यालयों में आम नागरिकों के कार्यों का समयबद्ध निराकरण करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना आवश्यक है।
बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था पर उठे सवाल–शासकीय कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शासन द्वारा मोबाइल एप के माध्यम से बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था लागू की गई है। इसके बावजूद कई कर्मचारियों के निर्धारित समय पर कार्यालय नही पहुंचते। जिससे शासन की बायोमेट्रिक व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती हैं। कई विभागों में शासकीय कर्मचारी तो कार्यालयीन समय से एक-दो घंटे बाद पहुंचते हैं, और अनेक कर्मचारियों का बायोमैट्रिक आई डी ही नही बना है जिसका फायदा वे उठाते है और अपने मनमाने समय पर कार्यालय पहुंचते है। जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित होता है। ऐसे में प्रशासनिक उपस्थिति व्यवस्था की नियमित निगरानी और नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।



