शहर से गांव तक 11 दिन चलेगा धार्मिक आयोजनों का सिलसिला
जांजगीर-चांपा। गणेश उत्सव को लेकर जिलेभर में तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। शहर से लेकर गांवों तक चौक-चौराहों पर आकर्षक पंडाल सजकर तैयार हो चुके हैं। कहीं भव्य और विशाल प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनी हैं तो कहीं आकर्षक विद्युत सजावट और रंग-बिरंगी रोशनी से पंडालों को नया रूप दिया गया है। सोमवार 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमाओं की विधि-विधान से स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही जिलेभर में 11 दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ होगा। सार्वजनिक गणेश उत्सव समितियों द्वारा कई दिनों से प्रतिमा स्थापना और पंडाल सजावट की तैयारियां की जा रही थीं। समितियों के सदस्यों ने चंदा एकत्र कर जगह-जगह भव्य पंडाल तैयार किए हैं। बारिश की संभावना को देखते हुए अधिकांश स्थानों पर वाटरप्रूफ पंडाल तैयार किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान परेशानी न हो। गणेशोत्सव को लेकर युवाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में समितियों द्वारा ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं को पंडालों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रतिमा पहुंचने के साथ ही पंडालों में तैयारियों की रफ्तार भी बढ़ गई है। कई स्थानों पर आकर्षक झांकियां और विशेष सजावट की जा रही है, जो गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी। वहीं घरों में भी गणेश स्थापना को लेकर उत्साह है। लोग बाजारों से अपनी पसंद के अनुसार छोटी-बड़ी गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी कर रहे हैं। घरों में पूजा स्थल को सजाने के साथ ही गणेशजी के स्वागत की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। सुबह से ही बाजारों में प्रतिमा, पूजा सामग्री, फूल-माला और सजावटी सामान की खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। गणेश चतुर्थी के दिन विधि-विधान से प्रतिमा स्थापना के बाद प्रतिदिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया जाएगा। सार्वजनिक पंडालों में शाम के समय श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। गणेश उत्सव समितियों द्वारा धार्मिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन, प्रसाद वितरण सहित विभिन्न आयोजन भी कराए जाएंगे। कई समितियां उत्सव के दौरान विशेष कार्यक्रमों की तैयारी में जुटी हुई हैं।
गणेशोत्सव को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। सार्वजनिक पंडालों के आसपास भीड़ और यातायात को देखते हुए समितियों द्वारा व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी की जा रही है। गणेश चतुर्थी के साथ ही जिले में अगले 11 दिनों तक भक्ति और उत्सव का माहौल देखने को मिलेगा।



