15 दिन में जांच समिति गठित कर कार्रवाई की मांग, समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
कोरबा। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में चना वितरण बंद होने और उचित मूल्य दुकानों में कथित अनियमितताओं के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला परिषद कोरबा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। भाकपा ने समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं होने पर जनहित में आंदोलन की चेतावनी दी है।
जिला सचिव पवन कुमार वर्मा के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। इस दौरान वरिष्ठ साथी एनके दास, श्याम बिहारी बनाफर, रामू केंवट और नरेंद्र कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।ज्ञापन में भाकपा ने कहा कि गरीब हितग्राहियों को अगस्त से नवंबर 2025 तक लगातार चार माह चना नहीं मिला। इसके बाद जुलाई 2026 से चना वितरण पूरी तरह बंद होने का आरोप लगाया गया है। पार्टी ने इसे गरीब परिवारों के खाद्य अधिकार से जुड़ा मामला बताते हुए बकाया चना तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की। भाकपा ने उचित मूल्य दुकानों में ई-पॉश मशीन का सर्वर बार-बार डाउन रहने, समय पर राशन नहीं मिलने और दुकानों के अनियमित खुलने का भी आरोप लगाया। पार्टी के अनुसार इन समस्याओं के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूरों को राशन लेने के लिए बार-बार दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ज्ञापन में बकाया चार माह के चना तथा जुलाई 2026 से बंद चना एकमुश्त वितरित करने, उचित मूल्य दुकानों में पर्याप्त खाद्यान्न का भंडारण और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही ई-पॉश की तकनीकी समस्या का स्थायी समाधान करने, दुकानों में छायादार प्रतीक्षालय, बैठने की व्यवस्था और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
पार्टी ने कालाबाजारी या लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं राशन दुकान संचालकों के खिलाफ एफआईआर सहित कठोर कार्रवाई की मांग की है। भाकपा ने प्रशासन से 15 दिनों के भीतर जांच समिति गठित कर मामले में कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।



