जांजगीर-चांपा। अपनी मांगों को लेकर बीते दस दिनों से बेमियादी हड़ताल कर रहे पटवारियों ने 11वें दिन काले पकड़े पहनकर जिला मुख्यालय में रैली निकाली और विरोध प्रदर्शन किया। दरअसल वे पीवी एप सर्वे में आ रही दिक्कतों को लेकर अनिश्िचतकालीन हड़ताल कर रहे है। इस दौरान सर्वे का काम निजी सर्वेयरों से कराए जाने का विरोध उनके द्वारा किया गया। जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे और पीवी एप के माध्यम से फसलों के भौतिक सत्यापन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निजी सर्वेयरों के माध्यम से पीवी एप का काम कराए जाने की व्यवस्था को लेकर राजस्व पटवारी संघ ने विरोध का मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार 23 अक्टूबर को पटवारी काले कपड़े पहनकर जिला मुख्यालय जांजगीर पहंुचे और यहां रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। पटवारी संघ का कहना है कि फसल सर्वे और सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किए बिना वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने से किसानों के खेतों में बोई गई फसल की सही जानकारी दर्ज करने में परेशानी आ सकती है। फसल सर्वे का उद्देश्य खेतों में बोई गई फसल की वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड तैयार करना है। इसी जानकारी के आधार पर किसानों के पंजीयन, धान खरीदी की प्रक्रिया तथा फसल बीमा और अन्य कृषि योजनाओं से संबंधित कार्यों में सहायता मिलती है। ऐसे में पीवी एप के माध्यम से होने वाले भौतिक सत्यापन का काम निजी सर्वेयरों से कराने की व्यवस्था पर पटवारी संघ की आपत्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संघ की प्रमुख चिंता यह है कि खेतों की वास्तविक स्थिति, खसरा नंबर, रकबा और फसल की किस्म का सही मिलान होना जरूरी है। सर्वे के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि होने पर किसानों को भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि पटवारी संघ इससे पहले भी डिजिटल क्रॉप सर्वे और पीवी एप की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुका है। संघ के अनुसार, डिजिटल क्रॉप सर्वे में कई खसरों की जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण उनके सर्वे में दिक्कतें आ रही है, जिसको लेकर अपनी बातें रखी गई, लेकिन इस दिशा में किसी प्रकार पहल नहीं हुई तो अनिश्िचतकालीन हड़ताल शुरु किया गया। इन सब बातों का उल्लेख करते हुए पटवारी संघ ने किसान हित को ध्यान में रखते हुए उक्त समस्याओं का निराकरण करने की मांग करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।



