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पूर्व मंत्री अजय ने सुप्रिया और नेहा पर ठोका मानहानि का केस, जानें क्या है मामला

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरुद बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर के पुराने वीडियो को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। मामले में विधायक ने कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के लिये सख्त रुख अपनाया हुआ है।

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरुद बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर के पुराने वीडियो को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। मामले में विधायक ने कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के लिये सख्त रुख अपनाया हुआ है। वे कांग्रेस की राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर पर मानहानि का केस दर्ज कराया है। इसके लिये उन्होंने कानूनी प्रक्रिया फाइल कर दी है। उन्होंने कहा कि मानहानी का केस दर्ज होने से एक नजीर बनेगी ताकि भविष्य में लोग फर्जी वीडियो बनाकर किसी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश न कर सके। दरअसल, बीजेपी के दिग्गज विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के एक पुराने वीडियो को 15 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम से जोड़कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था। इसे कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर ने इस सोशल मीडिया पर वायरल कर चंद्राकर पर निशाना साधा था। अब इस मामले को लेकर भाजपा विधायक ने सुप्रिया और नेहा राठौर के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इसे लेकर वे धमतरी सिविल न्यायालय में उपस्थित हुए। इस अवसर पर न्यायालय परिसर में बड़ी संख्या में भाजपाई उनके साथ उपस्थित थे। इस केस में कांग्रेस नेत्री सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर के विरुद्ध मानहानि संबंधी विधिक कार्यवाही शुरू हो गई है।

15 अगस्त का वीडियो बताकर किया था वायरल
बता दें कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर दावा किया गया था कि 15 अगस्त को कुरूद में अजय चंद्राकर ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की जगह पर भाजपा का झंडा फहराया था। उक्त दावे पर चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि प्रसारित वीडियो स्वतंत्रता दिवस का नहीं है। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो 22 मार्च 2026 को कुरूद में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम का है। इस पुराने वीडियो को 15 अगस्त के कार्यक्रम से जोड़कर वायरल किए जाने को उन्होंने तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक बताया है। वीडियो को एडिट किया गया है।

पुलिस थाने में की थी शिकायत
इस केस को लेकर पूर्व में पुलिस थाने में शिकायत भी की गई थी। पुलिस ने मामले में दो लोगों पर कार्रवाई भी की  है। अब इसी मामले में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध न्यायालय में मानहानि संबंधी विधिक कार्यवाही प्रारंभ की गई है। चंद्राकर ने कहा कि पुराने वीडियो को भिन्न तिथि एवं संदर्भ के साथ सार्वजनिक रूप से वायरल किए जाने से उनकी छवि प्रभावित हुई है। इसे लेकर विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है।
‘तथ्य स्पष्ट हो’
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ ही तथ्यों की शुद्धता और सार्वजनिक जीवन में उत्तरदायित्व भी महत्वपूर्ण है। किसी भी सामग्री को संदर्भ से अलग पेश कर प्रसारित किए जाने की स्थिति में विधिक प्रक्रिया के माध्यम से तथ्य स्पष्ट किए जाने चाहिए।

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