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देहदान के सम्मान के साथ चिकित्सा शिक्षा का आगाज

जांजगीर-चांपा। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जांजगीर-चांपा के एनाटॉमी विभाग में कैडेवरिक ओथ समारोह का आयोजन किया गया। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में मानवीय संवेदना, नैतिक मूल्यों और देहदान के महत्व को रेखांकित करने वाले इस समारोह में नवप्रवेशित चिकित्सा विद्यार्थियों को दान किए गए मानव शरीर पर अध्ययन शुरू करने से पहले विधिवत शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे देहदान करने वाले व्यक्ति के शरीर के प्रति पूर्ण निष्ठा, आदर, गरिमा और निजता बनाए रखते हुए अध्ययन करेंगे।संस्था के अधिष्ठाता डॉ. राकेश नहरेल तथा एनाटॉमी विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार और डॉ. निलेश महोबिया की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह का उद्देश्य भावी चिकित्सकों को चिकित्सा शिक्षा के प्रारंभिक चरण से ही मानवीय मूल्यों और नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के दौरान देहदान को चिकित्सा विज्ञान की प्रगति और भावी चिकित्सकों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला पुनीत कार्य बताया गया।देहदान करने वाले परिवारों के प्रति जताया आभारसमारोह में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि चिकित्सा शिक्षा के लिए दान किया गया मानव शरीर केवल अध्ययन का माध्यम नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति और उसके परिवार के विश्वास, त्याग तथा मानव सेवा की भावना का प्रतीक है। देहदान करने वाले व्यक्ति के प्रति सम्मान बनाए रखना प्रत्येक चिकित्सा विद्यार्थी का नैतिक दायित्व है।इस अवसर पर उन परिवारों के प्रति शीश झुकाकर कृतज्ञता व्यक्त की गई, जिन्होंने मानव कल्याण और चिकित्सा शिक्षा के उद्देश्य से अपने परिजन का शरीर दान करने जैसा पुनीत निर्णय लिया। ऐसे परिवारों का योगदान भावी चिकित्सकों को मानव शरीर की संरचना समझने, व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने और भविष्य में बेहतर चिकित्सा सेवाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।कैडेवरिक ओथ के माध्यम से विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान और कौशल के साथ संवेदनशीलता, गोपनीयता, गरिमा तथा नैतिक आचरण का विशेष महत्व है। मानव शरीर के प्रति सम्मान की यह भावना भविष्य में मरीजों के प्रति उनके व्यवहार और चिकित्सकीय जिम्मेदारियों की मजबूत नींव तैयार करती है।महाविद्यालय की सभी 50 सीटों पर प्रवेश पूर्णशासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जांजगीर-चांपा में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रम की सभी 50 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है। उपलब्ध प्रवेश विवरण के अनुसार, महाविद्यालय की कुल स्वीकृत 50 सीटों में राज्य कोटे की 42, अखिल भारतीय कोटे की 7 तथा केंद्रीय पूल की 1 सीट शामिल है।महाविद्यालय में राज्य कोटे की सभी 42 सीटों, अखिल भारतीय कोटे की सभी 7 सीटों और केंद्रीय पूल की एक सीट पर विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया है। इस प्रकार कुल 50 में से 50 सीटों पर प्रवेश पूरा हो गया है। प्रवेश प्रक्रिया 24 अक्टूबर 2026 को पूर्ण हुई।सभी सीटों पर प्रवेश पूरा होना महाविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा का व्यावहारिक और अकादमिक सफर शुरू हो रहा है। इसी क्रम में आयोजित कैडेवरिक ओथ समारोह ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि एक अच्छे चिकित्सक बनने की यात्रा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत मानव शरीर, देहदान करने वाले व्यक्ति और उसके परिवार के प्रति सम्मान की भावना से होती है।इस तरह शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जांजगीर-चांपा में आयोजित कैडेवरिक ओथ समारोह ने चिकित्सा शिक्षा में नैतिकता, मानवीय संवेदना और देहदान के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही सभी 50 सीटों पर प्रवेश पूर्ण होने के बाद महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों की चिकित्सा शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत भी हुई।

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