छत्तीसगढ़ के पुलिस प्रशासन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में तैनात 12 अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी है। राज्य शासन के इस निर्णय के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों की अपने मूल विभाग में वापसी का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है। पुलिस विभाग में इस कदम को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया और आंतरिक फेरबदल के एक प्रमुख हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
प्रतिनियुक्ति की प्रशासनिक व्यवस्था
सरकारी सेवा नियमों के अंतर्गत प्रतिनियुक्ति ऐसी विशेष व्यवस्था है, जिसके तहत किसी अधिकारी या कर्मचारी को उसके मूल विभाग से किसी अन्य विभाग अथवा संस्थान में निश्चित समय अवधि के लिए कार्य करने हेतु भेजा जाता है। यह प्रतिनियुक्ति निर्धारित अवधि पूरी होने पर या फिर प्रशासनिक आवश्यकताओं के आधार पर किसी भी समय समाप्त की जा सकती है। इस व्यवस्था के तहत स्थानांतरित अधिकारी अपनी मूल सेवा और पद से संबंधित नियमों के अनुरूप ही दूसरे संस्थान में अपनी सेवाएं देते हैं। प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के पश्चात संबंधित कर्मचारियों की वापसी तथा उनकी नई पदस्थापना का अंतिम निर्णय उनके मूल विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले नए आदेशों पर ही निर्भर करता है।
सरकारी सेवा नियमों के अंतर्गत प्रतिनियुक्ति ऐसी विशेष व्यवस्था है, जिसके तहत किसी अधिकारी या कर्मचारी को उसके मूल विभाग से किसी अन्य विभाग अथवा संस्थान में निश्चित समय अवधि के लिए कार्य करने हेतु भेजा जाता है। यह प्रतिनियुक्ति निर्धारित अवधि पूरी होने पर या फिर प्रशासनिक आवश्यकताओं के आधार पर किसी भी समय समाप्त की जा सकती है। इस व्यवस्था के तहत स्थानांतरित अधिकारी अपनी मूल सेवा और पद से संबंधित नियमों के अनुरूप ही दूसरे संस्थान में अपनी सेवाएं देते हैं। प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के पश्चात संबंधित कर्मचारियों की वापसी तथा उनकी नई पदस्थापना का अंतिम निर्णय उनके मूल विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले नए आदेशों पर ही निर्भर करता है।



