आयकर विभाग ने कोयला लेवी मामले से जुड़े कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से संबंधित बताई जा रही जुनवानी की सूर्या रेजिडेंसी स्थित संपत्ति को सील किया है। कार्रवाई बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम के तहत जब्त संपत्ति का कब्जा लेने के लिए की गई।
दुर्ग जिले के छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी मामले से जुड़े कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से संबंधित बताई जा रही भिलाई की एक संपत्ति पर आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार देर शाम आयकर विभाग की टीम ने जुनवानी स्थित सूर्या रेजिडेंसी के मकान नंबर ए-1 को सील कर संपत्ति का कब्जा अपने नियंत्रण में ले लिया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल, तहसीलदार और राजस्व अधिकारी भी मौजूद रहे।
आयकर विभाग रायपुर के अधिकारी रूद्र चंद्राकर के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। उनके साथ तहसीलदार टिकेश्वर साहू, स्मृति नगर चौकी प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत मकान का कब्जा अपने नियंत्रण में लिया। स्थानीय जानकारी के अनुसार, इस मकान में सूर्यकांत तिवारी, पिता स्वर्गीय शशिकांत तिवारी के रहने की बात सामने आई है। कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस दिए जाने के कारण मकान में रखा सामान पहले ही खाली कर लिया गया था।
कोयला लेवी मामले में भी सामने आया था नाम
सूर्यकांत तिवारी का नाम छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी मामले में सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय के आरोप के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच राज्य में कोयला परिवहन पर कथित तौर पर 25 रुपये प्रति टन की अवैध लेवी वसूले जाने का नेटवर्क चलाया गया था। ईडी ने इस कथित नेटवर्क से करीब 540 करोड़ रुपये की अपराध की आय का अनुमान लगाया है। ये जांच एजेंसी के आरोप और आकलन हैं, अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं।ईडी के रिकॉर्ड के अनुसार, सूर्यकांत तिवारी को इस मामले में 29 अक्टूबर 2022 को गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 29 मई 2025 को उन्हें अंतरिम जमानत दी थी। बाद के सुप्रीम कोर्ट रिकॉर्ड में भी 29 मई 2025 के अंतरिम जमानत आदेश का उल्लेख है।हालांकि, मौजूदा आयकर विभाग की कार्रवाई का केंद्र कोयला लेवी मामले में कोई नया फैसला नहीं, बल्कि बेनामी संपत्ति मामले में जब्त मकान का कब्जा लेकर उसे सील करना है।



