ShrimadBhagwat Katha News: रायपुर। राजधानी रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित कृषि उपज मंडी ग्राउंड में 21 से 27 सितंबर तक सात दिवसीय भव्य श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन होने जा रहा है। कथा के शुभारंभ अवसर पर 21 सितंबर प्रात 10 बजे भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली जाएगी। इसके पश्चात प्रतिदिन दोपहर 2 से सायं 5 बजे तक प्रख्यात भागवताचार्य एवं युवा आध्यात्मिक वक्ता इंदेश जी महाराज अपने पावन मुखारविंद से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का अमृत रसपान कराएंगे।
ShrimadBhagwat Katha News: 21 सितंबर को निकलेगी भव्य मंगल कलश यात्रा
श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर 21 सितंबर को प्रात: 10 बजे से श्री राम जानकी मंदिर (कृषि उपज मंडी के सामने, देवेंद्र नगर) से भव्य कलश यात्रा गाजे-बाजे एवं संकीर्तन के साथ प्रारंभ होगी। यह मंगल कलश यात्रा प्रमुख मार्गों से होते हुए कथा स्थल (मंडी ग्राउंड, देवेंद्र नगर) पहुंचेगी। इस पावन यात्रा में रायपुर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से विशाल संख्या में मातृशक्ति एवं धर्मप्रेमी श्रद्धालु सम्मिलित होंगे। आयोजन समिति के मुख्य सेवादार गुंजन प्रजापति ने माताओं एवं बहनों से विशेष रूप से पीले रंग की साड़ी धारण कर सम्मिलित होने का सादर आग्रह किया है। सनातन धार्मिक परंपरा में पीला रंग मंगल, शुचिता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

ShrimadBhagwat Katha News: 7 सात दिनों तक बहेगी भक्ति एवं ज्ञान की अमृतधारा
सप्ताहव्यापी इस पावन ज्ञान यज्ञ के दौरान श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न गूढ़, आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी प्रसंगों का संगीतमय वर्णन होगा। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजा महोत्सव, रुक्मिणी विवाह सहित श्रीमद्भागवत के अनेक पावन प्रसंगों की भावपूर्ण प्रस्तुति होगी। पूज्य श्री इन्द्रेश जी महाराज अपनी ओजस्वी, सरस एवं प्रेरक वाणी से श्रद्धालुओं को भक्ति, धर्म, संस्कार, पारिवारिक समरसता और सनातन जीवन मूल्यों से जोड़ेंगे।
ShrimadBhagwat Katha News: श्रद्धालुओं के लिए की जा रही विशेष व्यवस्थाएं
कथा में पधारने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। कथा स्थल पर विशाल व सुरक्षित वाटरप्रूफ डोम, समुचित बैठक व्यवस्था, शीतल व शुद्ध पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा एवं सुरक्षा आदि के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं, जिससे कथा श्रवण हेतु आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम व भक्तिमय वातावरण मिल सके।



