बरेली में बुधवार शाम ममता नाम की महिला बंदी जिला अस्पताल से भाग निकली। वह तुलाशेरपुर की रहने वाली है। पॉक्सो के मामले में दिसंबर में जेल गई थी। सेंट्रल जेल 2 से 31 अगस्त को कोर्ट में पेशी को आई थी। वहां हालत खराब हुई तो जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह बुर्का पहनकर जिला अस्पताल के शौचालय से भागी है।
बरेली सेंट्रल जेल-2 में पॉक्सो अधिनियम के तहत निरुद्ध ममता बुधवार शाम जिला अस्पताल से भाग निकली। वह शौच के बहाने शौचालय में सूट पहनकर घुसी। भीतर ही उसने हुलिया बदला और बुर्का पहनकर वहां से भाग गई। देर रात सूचना मिली तो पुलिस टीम ने जिला अस्पताल को खंगाला। एसएसपी ने उसकी सुरक्षा में तैनात हेड कांस्टेबल नूतन सिसोदिया और कांस्टेबल रिंकी को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

शौचालय के बाहर तैनात थीं सिपाही
तैनात हेड कांस्टेबल नूतन सिसोदिया और कांस्टेबल रिंकी उसकी निगरानी में तैनात थी। सीओ ने दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि ममता जनरल वार्ड में भर्ती थी। उसने शौचालय जाने की बात कही तो दोनों सुरक्षाकर्मी उसे वहां ले गईं। ममता कुछ देर तक बाहर नहीं निकली तो सुरक्षाकर्मियों ने दरवाजा खटखटाया। तब अंदर से ममता ने कहा कि वह नहा रही है। इस पर दोनों पुलिसकर्मी बाहर ही आराम करने लगीं।
तैनात हेड कांस्टेबल नूतन सिसोदिया और कांस्टेबल रिंकी उसकी निगरानी में तैनात थी। सीओ ने दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि ममता जनरल वार्ड में भर्ती थी। उसने शौचालय जाने की बात कही तो दोनों सुरक्षाकर्मी उसे वहां ले गईं। ममता कुछ देर तक बाहर नहीं निकली तो सुरक्षाकर्मियों ने दरवाजा खटखटाया। तब अंदर से ममता ने कहा कि वह नहा रही है। इस पर दोनों पुलिसकर्मी बाहर ही आराम करने लगीं।
तलाश किया तो बेटा भी लापता



