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आसमान से समुद्र तक ड्रोन स्ट्राइक…. मिडिल ईस्ट के लिए अमेरिका बना रहा नया प्लान

वाशिंगटन(एजेंसी)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अमेरिका बहुराष्ट्रीय अटैक ड्रोन टास्क फोर्स बनाने में जुट गया है।

अमेरिकी सेंट्रल कमान ने पहली मल्टीनेशनल अटैक ड्रोन टास्क फोर्स बनाने की योजना की घोषणा की है। इसमें अमेरिका और पश्चिम एशिया के सहयोगी देश शामिल होंगे।

अमेरिकी सेंट्रल कमान ने गुरुवार को एक बयान में बताया कि ‘टास्क फोर्स फाल्कन स्ट्राइक’ नामक यह नई यूनिट हवा, जमीन और समुद्र में ड्रोन हमले पर केंद्रित होगी।

इसमें मानवरहित वन-वे अटैक ड्रोन का उपयोग किया जाएगा। सेंट्रल कमान की यह पहल ‘टास्क फोर्स स्कार्पियन स्ट्राइक’ की स्थापना के नौ महीने बाद सामने आई है। अमेरिकी सेना ने पश्चिम एशिया में इसे अपना पहला समर्पित वन-वे अटैक ड्रोन स्क्वाड्रन बताया था।

अमेरिका ने पश्चिम एशिया में नई ड्रोन टास्क फोर्स बनाई

तब से ‘स्कार्पियन स्ट्राइक’ ने कई उपलब्धि हासिल की है, जिसमें गत दिसंबर में अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत से हवाई हमले वाला पहला ड्रोन लांच भी शामिल है।

सेंट्रल कमान के अनुसार, आपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान इस यूनिट ने मानवरहित वन-वे एरियल सिस्टम की तैनाती की थी और जुलाई में ईरानी बंदरगाहों पर हमले के दौरान मानवरहित हमलावर जहाजों का इस्तेमाल किया था।

सेंट्रल कमान के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, ‘हमारे क्षेत्रीय सहयोगियों और साझेदारों के बीच हो रहे इनोवेशन को देखते हुए टास्क फोर्स फाल्कन स्ट्राइक अब टास्क फोर्स स्कार्पियन स्ट्राइक की सफलता को आगे बढ़ाएगी।

क्षेत्र में अमेरिकी सेना के कई मजबूत साझेदार और दोस्त हैं। जब हम मिलकर नई क्षमताओं को एकीकृत और तैनात करते हैं तो सामूहिक रूप से और मजबूत होते हैं।’

क्षेत्रीय साझेदारों के साथ चल रही बात

अमेरिका ने क्षेत्रीय साझेदारों से इस संदर्भ में विचार-विमर्श शुरू कर दिया है और उन्हें इस टास्क फोर्स में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया जा रहा है। साझेदारों के शामिल होने पर फाल्कन स्ट्राइक की पूरे पश्चिम एशिया में अटैक-ड्रोन क्षमता बढ़ेगी।

ड्रोन आयात पर टैरिफ लगाएंगे ट्रंप

रायटर के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह ड्रोन और इसके पार्ट्स के आयात पर टैरिफ लगाएंगे, जिसमें अमेरिका के कुछ प्रमुख सहयोगी देश भी शामिल हैं।

उनका देश ड्रोन के लिए विदेशी स्रोतों पर बहुत ज्यादा निर्भर है। व्हाइट हाउस ने बताया कि ट्रंप ने एक आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं।

इसके तहत कुछ खास आकार या क्षमताओं वाले ड्रोन पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जाएगा, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए काफी संवेदनशील हैं।

जबकि यूरोपीय यूनियन, जापान, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड और ताइवान से आयातित ड्रोन और पार्ट्स 15 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा।

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