मजदूर दिवस पर बासी पार्टी अब व्ही आई पी होटल मे.दिखावा इतना कि लोगो बोलेगे बस कर भाई अब रुलाएगा क्या.छत्तीसगढ़ी मज़दूरों कि अस्मिता का मज़ाक या डिंडोरा पीटने कि राजनीती
कोरबा (संवाद साधना )। ऊर्जाचाल के नाम से प्रसिद्ध काले हीरे कि धरती जहाँ जल जंगल जमीन. साथ ही बहुसंख्यक रूप मे मजदूर। आज़ मजदूर दिवस के रूप मे मनाया जा रहा है पर एक बात पर बात आ कर रुक जाती है कि बोरे बासी खा कर वो भी लगजरी होटल मे ?

सोशल मिडिया मे टी आर पी बटोरने मे राजनैतिक पार्टी सहित अन्य संघठनों को को कोई नही हरा पायेगा थोती और दिखावा और ऊर्जाधानी के कर्म योद्धा के अपमान का दिवस मना रहे नेता फाइव स्टार जैसे होटल मे बोरे बासी पार्टी का आयोजन कर रहे है जहाँ मज़दूर नामक कोई इंसान नही दिख रहा बेसकीमती कपड़ो लम्बी लम्बी गाड़ी मे आये ये मज़दूर काम कि थकान भूख से बिलबिलाते नज़र आ रहे है इनको देखकर ऐसा लग रहा है कि बोरे बासी तुरंत नही मिला तो अभी दम निकल जायेगा।

अपने आप को मजदूर का बड़ा भाई. हितैसी बनने का दिखावे कर रहे है ये व्ही आई पी मज़दूर सोशल मिडिया पर दिखावा करने वालों कि पोल तब खुल जाती है जब एक मजदूर अपने वेतन. ई पी एफ और अन्य माँग को ले कर आंदोलन कि राह पकड़ लेता है तब होटल मे पार्टी मना रहे बासीनुमा नेता कम ठेकेदार अपना मुँह दाये बाये घुमाते नज़र आने लगते है साल मे एक बार बासी खाने के बाद दूसरे दिन काजू से कुल्ला करते ये हितैसी मज़दूरों का खून चूसने आतुर रहते है। बहरहाल करोड़पति मजदूरों का त्यौहार तो बड़े होटलों का बचाकुचा बासी खा कर टी आर पी बटोर लिया है पर जिन कर्मवीरो के नाम पर मज़दूर दिवस का मज़ाक बनाने वाले तथाकथित करोड़पति मजदूरों को यह मालुम नही कि रोज बासी खा कर काम करना और आप जैसे ठेकेदारनुमा नेता के दमन का शिकार रहना कितना दुःखद है।



