Raipur Health News: एडिनबर्ग में आयोजित 45वें SIU विश्व कांग्रेस में दिया प्रभावशाली व्याख्यान
Raipur Health News: रायपुर,
रायपुर के प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट और रीनल ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. वरुण शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित सोसाइटी इंटरनेशनेल द’यूरोलॉजी (Société Internationale d’Urologie – SIU) के 45वें विश्व कांग्रेस में भारत और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया। यह विश्वस्तरीय सम्मेलन 29 अक्टूबर से 1 नवम्बर 2025 तक एडिनबर्ग (स्कॉटलैंड) में आयोजित हुआ।

विश्वभर के प्रमुख यूरोलॉजिस्ट, शोधकर्ता और विशेषज्ञ इस आयोजन में एकत्रित हुए, जहाँ यूरोलॉजी के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध, तकनीक और उपचार पद्धतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
Raipur Health News: विशेष सत्र में दिया प्रभावशाली व्याख्यान
डॉ. वरुण शर्मा को आयोजन समिति द्वारा विशेष सत्र
“Controversies in Urology: Managing the High Risk Recipient – Challenges and Solutions in Renal Transplantation”
में वक्ता (Speaker) के रूप में आमंत्रित किया गया था। उन्होंने 30 अक्टूबर 2025 को “Kidney Donor with Urolithiasis – Experience vs Evidence” विषय पर व्याख्यान दिया। उनका सत्र शाम 4:16 बजे से 4:24 बजे तक चला, जिसमें उन्होंने गुर्दा प्रत्यारोपण के जटिल मामलों में अपने अनुभव और वैज्ञानिक प्रमाणों के समन्वय पर प्रकाश डाला।
Raipur Health News: अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सराहना
डॉ. शर्मा के व्याख्यान को उपस्थित विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से सराहा। उनके शोध दृष्टिकोण और क्लिनिकल अनुभव को यूरोलॉजी क्षेत्र के अग्रणी डॉक्टरों ने “व्यवहारिक और प्रेरणादायक” बताया। आयोजन समिति ने भी उनके योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय चिकित्सकों द्वारा प्रस्तुत ऐसे अनुभव वैश्विक चिकित्सा संवाद को समृद्ध करते हैं।
Raipur Health News: डॉ. वरुण शर्मा की प्रतिक्रिया
अपनी उपलब्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा विश्व स्तर के ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर अपने अनुभव साझा करना मेरे लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि रायपुर और पूरे भारत के चिकित्सा समुदाय की पहचान है। मुझे खुशी है कि हमारे काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।
Raipur Health News: रायपुर और छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण
इस प्रतिष्ठित आयोजन में डॉ. शर्मा की उपस्थिति और सराहना ने रायपुर तथा छत्तीसगढ़ के चिकित्सा जगत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है।
यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि भारतीय चिकित्सा उत्कृष्टता का भी प्रतीक है।



