– छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को शिक्षा भूषण से हुए सम्मानित
– प्रदेश में शैक्षिक संवर्धन पर हुई चर्चा
रायपुर, (संवाद साधना)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का ९ वाँ राष्ट्रीय अधिवेशन जयपुर में सोमवार को संपन्न हो गया। अधिवेशन में छत्तीसगढ़ प्रदेश से शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदेश संयोजक प्रो. आर. डी शर्मा ने बताया कि तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में शैक्षिक उन्नयन, शिक्षकों की समस्याएं, शिक्षा समाज , संस्कृति और सुरक्षा पर केंद्रित १० तकनीकी सत्र हुए।। कार्यक्रम के उद्घाटन में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि शिक्षक हमारे राष्ट्र में प्रारंभ से ही राष्ट्र निर्माता की भूमिका में रहे हैं।

इस अवसर पर अधिवेशन की स्मारिका, हमारा विद्यालय, हमारा तीर्थ पुस्तक एवं महासंघ के वार्षिक कलेंडर का विमोचन किया गया। समारोह में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भी उपस्थित रहे। अधिवेशन में तीन शिक्षकों को उनके शिक्षा जगत में उल्लेखनीय कार्य पर शिक्षा भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। उदयपुर के प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा, दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर सुषमा यादव और केरल से बीजे श्री कुमार को शिक्षा भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जूना पीठ के आचार्य अवधेशानंद गिरी ने कहा कि गुरु ही बालक का सृजन पालन और आज्ञान का संहार करता है।

आरएसएस के पूर्व सह सर कार्यवाह सुरेश सोनी ने शिक्षा की भारतीय अवधारणा पर बोलते हुए कहा कि गुरु शिष्य परंपरा ही ज्ञान की संवाहक है। वर्तमान शिक्षा में बच्चों के समग्र विकास और चरित्र निर्माण पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। प्रखर वक्ता राज्य सभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मैकाले और मार्क्स के प्रभाव से मुक्त होकर मानवीय शिक्षा एवं जीवन पद्धति को अपनाने का समय आ गया है।

अधिवेशन में एनसीईआरटी के निदेशक प्रोफेसर डीपी सकलानी शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता, महामंत्री गीता भट्ट ने भी संबोधित किया। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देश के सभी २८ राज्यों से ३५०० से अधिक शिक्षक प्रतिभागी सम्मिलित हुए। छत्तीसगढ़ प्रांत संयोजक डॉ. आर डी शर्मा, अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय डॉ. श्याम लाल निराला, महामंत्री डॉक्टर फूलदास महंत, अध्यक्ष संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय सरगुजा डॉ. एस के श्रीवास्तव, अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय डॉ. नरेन्द्र त्रिपाठी सम्मिलित हुए। अधिवेशन में शिक्षकों की समस्याएं एवं उनके निवारण के संबंध में प्रस्ताव पारित किए गए। प्रांत संयोजक श्री शर्मा ने कह कि शीघ्र ही शिक्षा मंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री से मिलकर प्रदेश के शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराके शीघ्र निराकरण का अनुरोध किया जाएगा।



