जांजगीर-चांपा। बिर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत करही उपसरपंच के लापता मामले को पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना डभरा क्षेत्रांतर्गत के साराडीह बैराज के आगे महानदी में उसका शव मिला। आरोपियों ने उपसरपंच का गला गमछा से घोंटकर हत्या को अंजाम दिया गया था। इस मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस को सफलता मिली है। वहीँ प्रकरण में 2 विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक भी शामिल है जिसके विरुद्ध भी विधिवत कार्यवाही की गई।

पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया कि 6 सितंबर की रात्रि
उपसरपंच महेन्द्र बघेल घर नही आया था। आस-पास व रिश्तेदारों में भी कोई पता
नही चलने पर उसके परिजन एवं ग्रामवासियों ने महेन्द्र की पता-तलाश की। कहीं
पता नहीं मिलने पर थाना बिर्रा में 7 सितंबर रविवार को गुम इंसान दर्ज कराया।
बिर्रा पुलिस ने इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। मामले को गंभिरता
को लेते हुए पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय के मार्गदर्शन में एवं अतिरिक्त पुलिस
अधीक्षक उमेश कश्यप के दिशा- निर्देशन में एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी
चाम्पा यदुमणी सिदार के कुशल पर्यवेक्षण में गुम इंसान कि पतासाजी कार्यवाही
थाना प्रभारी बिर्रा निरीक्षक जय कुमार साहू के नेतृत्व में प्रारम्भ किया गया।
विवेचना के दौरान पता चला कि उप सरपंच के भाई जितेन्द्र बघेल के द्वारा
सरपंच पति राजकुमार साहू द्वारा अनहोनी करने का परिजन ने अंदेशा जताया
था। इसी आधार पर पुलिस ने तप्तिश शुरू कि और संदिग्धों को हिरासत में लेकर
पूछताछ कि तो ग्राम करही सरपंच पति राजकुमार साहू व उसके अन्य साथियों के
द्वारा हत्या कर शव को बरेकेल पुल से महानदी में फेकने की जानकारी सामने
आई। इस तरह पुलिस ने डीडीआरएफ टीम कि मदद से महानदी में उप सरपंच
महेन्द्र बघेल के शव कि तालाश शुरू कि लेकिन काफी मशक्कत के बाद कुछ पता
नहीं चला था। जिसके वाद ड्रोन कि मदद ली गयी और दूर तक शव कि तालाश कि गयी। इस दौरान 8 सितंबर को देर शाम डभरा क्षेत्र के साराडीह गांव में उपसरपंच का शव दिखा कपड़े से उनकी पहचान हो गयी है। जिससे उपसरपंच महेन्द्र बघेल के शव को पुलिस अपने कब्जे में लेकर थाना डभरा क्षेत्रांतर्गत शव मिलने पर सुरक्षार्थ डभरा चिकित्सालय में रखा गया। साथ ही उपसरपंच महेन्द्र बघेल की हत्या को गंभिरता से लेते हुए हत्या के सरपंच पति राजकुमार साहू, राजू उर्फ शैलेष कश्यप, राजेन्द्र कुमार साहू,. दुर्गेश आदित्य,. जितेन्द्र कश्यप,. कान्हा
यादव, भास्कर मांझी सभी निवासी करही एवं दो विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक को
पतासाजी कर ग्राम करही व अन्य क्षेत्र के अलग-अलग ठिकानों से उठाया। गहन
पूछताछ करने पर पाया गया कि ग्राम करही सरपंच पति शासकीय निर्माण कार्य
के विवाद व पुरानी रंजिश को लेकर 6 सितंबर को अपने घर रात्रि 08:45 बजे
बुलाकर ग्राम के प्राथमिक शाला भवन के पास अपने साथी जितेन्द्र कश्यप, महेन्द्र बघेल के साथ बैठाकर शराब व वियर का सेवन कराया और सरपंच पति राजकुमार साहू द्वारा भास्कर मांझी और कान्हा यादव को पिछे से बुलाकर गमछा से गला को घोटकर हत्या कर दिया। इसके बाद अपने भाई राजेन्द्र साहू से घर मे खड़ी अल्टो कार क्र० सीजी 13 एएफ 8391 को मौके पर बुलाकर जितेन्द्र कश्यप,
भास्कर मांझी, कान्हा यादव और दुर्गेश को बरेकेल पुल से महानदी में डालने को
कहा और फोन से राजू उर्फ शैलेष एवं एक विधि से संघर्षरत बालक को मौके पर
बुलाकर मृतक उपसरपंच महेन्द्र बघेल के नीले पल्सर मोटर सायकल को किकिरदा के बुढ़ाराजा नाला टिकरा से लगे महानदी में फेकवा दिया और मौके पर एक विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक को बुलाते हुए सभी साक्ष्य को हटाते हुए अपने भाई राजेन्द्र साहू के साथ लुकते-छिपते घर चला गया, जिससे किसी को भी भनक न लगे। पुलिस कि सजगता से समस्त घटना क्रम के सिलसिलावार की गई कार्यवाही का पता लगाते हुए हत्या के घटना में सामिल सभी आरोपियों के विरुद्ध विधिवत कार्यवाही किया गया। इस कार्यवाही में यदुमणी सिदार अनुविभागीय अधिकारी पुलिस चाम्पा, जितेन्द्र कुमार खुटे उप पुलिस अधीक्षक अजाक प्रभारी, निरीक्षक जय कुमार साहू थाना प्रभारी बिर्रा, निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी प्रभारी शिवरीनारायण एवं थाना स्टाफ बिर्रा का सराहनीय योगदान रहा।



