महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा को सौंपा ज्ञापन।
महासमुंद । अनिश्चितकालीन हड़ताल के 22 वें दिन आज एन एच एम संघ के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने बड़ी संख्या मे कलश यात्रा रैली, के साथ थाली ताली पीट कर मोदी के 100 दिन की गारंटी को लेकर नियमितीकरण एवं ग्रेट पे सहित दस सूत्रीय मांगों लेकर विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा को ज्ञापन सौपा।
बता दें कि एन एच एम कर्मचारी हर दिन अलग अलग तरीकों से अनोखा प्रदर्शन कर रहे है। जल सत्याग्रह किया, कभी खून से भरी चिट्ठी लिखी, पी पी ई किट पहनकर दंडवत प्रणाम कर अपना विरोध दर्ज करा रहे है। लेकिन सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। जनप्रतिनिधि के साथ-साथ पक्ष विपक्ष के नेता भी एन एच एम कर्मचारी के समर्थन में आ चुके है। अब देखना होगा कि सरकार उनकी जरूरी मांग को पूरा करने की दिशा में कोई सकारात्मक कदम उठाता है ? संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि
कर्मचारियों व सरकार की इस आर पार की लड़ाई में आम जनता परेशान हो रही है। रोज नई नई स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। गरियाबंद के महिला गार्ड द्वारा इंजेक्शन लगाना हो या बागबाहरा के ड्राइवर द्वारा स्टिच टांका लगाने की घटना। जनता पूरी तरह से त्रस्त है सब हेल्थ सेंटर, पी एच सी लेवल, सी एच सी में शामिल 100 केंद्र मानो पूरी तरह से बंद हो चुकी है। मामूली से सर्दी खासी के लिए भी बच्चों के टीका के लिए भी आम जनता को जिला अस्पताल की और रुख करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में लंबी लंबी कतार देखने को मिल रही है। जिला अध्यक्ष राम गोपाल खूंटे ने बताया कि अब लड़ाई आर पार की है। प्रशासन बोल रही है कि ग्रेट पे, नियमितीकरण का मामला केंद्र सरकार का है जबकि एक आर टी आई द्वारा स्पष्ट हो चुका है कि ग्रेट पे और नियमितीकरण का मामला सिर्फ राज्य सरकारों का है। मध्य प्रदेश सरकार पहले से ही ग्रेट पे अनुकंपा नियुक्ति जैसी मामला मूलभूत सुविधाएं कर रही है। मध्यप्रदेश सरकार का पत्र सोशल मीडिया में हर तरफ वायरल है और हमारे राज्य में बड़े पद पर बैठे अधिकारियो को जानकारी ही न हो ऐसा नहीं हो सकता। अब एन एच एम कर्मचारी आर पार की लडाई में उतर चुके है।



