ट्रक में चावल बोरियों के बीच मध्यप्रदेश ले जा रहे थे गांजा
महासमुंद। कोमाखान पुलिस ने ओड़िशा से रींवा-मध्यप्रदेश गांजा ले जा रहे दो लोगों को पकड़ा है। आरोपियों ने चावल की बोरियों के बीच में 45 लाख का गांजा छिपाकर रखा था। पुलिस ने गांजा सहित चावल की बोरी, तस्करी में प्रयुक्त वाहन, मोबाइल और 20 हजार रुपए नकद जब्त किया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट 20(ख) के तहत कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार 5 सितंबर को कोमाखान पुलिस को पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति एक आईसर ट्रक क्रमांक एमएच 40 सीटी 3815 के डाला में चावल कनकी की बोरियों के नीचे छिपाकर गांजा लेकर ओड़िशा से महासमुंद की ओर आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग 353 टेमरी नाका के पास घेराबंदी की। कुछ देर बाद ओडिशा की ओर से मुखबिर के बताएनुसार ट्रक आता दिखाई दिया, जिसे रोका गया। ट्रक में दो व्यक्ति सवार थे। पुलिस की पूछताछ में वाहन चालक ने अपना नाम पता बहादुरपुर टोला थाना गडहनी जिला भोजपुर बिहार निवासी अनिल कुमार (32) एवं बगल में बैठे व्यक्ति ने सिकरयां पोस्ट पहरपुर थाना गडहनी जिला भोजपुर बिहार निवासी सिध्यांन कुमार ऊर्फ मिस्त्री यादव (21) बताया। पुलिस ने उक्त व्यक्तियों से ट्रक में लदे सामान के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि ट्रक में चावल (कनकी) भरा हुआ है। पुलिस ने तलाशी ली तो चावल बोरियों के बीच बोरियां छिपाकर रखी गयी थी जिसमें से गांजे के पैकेट बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ओडिशा से गांजा लेकर रींवा मध्यप्रदेश ले जा रहे थे।
50 बोरी खंडा चावल व 20 हजार नकद भी बरामद
ट्रक की तलाशी में डाला के पास चावल बोरियों के बीच 10 नग प्लास्टिक बोरियों में 150 पैकेट 300 किलो गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजे की कीमत 45 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने गांजे के साथ 50 प्लास्टिक बोरियों में खंडा (कनकी चावल) प्रत्येक बोरी में 25-25 किलो कुल 1250 किलो (कीमत लगभग 27 हजार 500 रुपए), तस्करी में प्रयुक्त ट्रक, दो मोबाइल और 20 हजार रुपए नकद बरामद किया।
नहीं लग पा रही गांजा तस्करी पर लगाम
बता दें कि विगत कई वर्षों से ओड़िशा से महासमुंद के रास्ते गांजे की तस्करी बदस्तूर जारी है। कई मामलों में जिले की पुलिस इन्हें पकड़ने में सफलता भी हासिल कर लेती है,पर इनके हाथों चढ़ते है।वाहन चालक जो चंद रुपयों के लिए गांजा एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाते हैं पर गांजा तस्करी में लिप्त मुख्य आरोपी आज तक पुलिस की पकड़ से दूर है और यही कारण है कि गांजे की तस्करी पर लगाम नहीं लग पा रही है।



