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जांच पूरी होने तक नवजीवन अस्पताल बंद

संचालक को नोटिस,8 बिंदुओं पर  मांगा तत्काल जवाब

जांच  टीम अस्पताल पहुँची,डॉक्टर की अनुपस्थिति में इलाज करना पाया

महासमुंद। तुमगांव के नवजीवन हास्पिटल में मासूम अंकिता की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित जांच टीम रविवार को अस्पताल पहुँची । टीम ने प्रारंभिक जांच में पाया कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में अंकिता का इलाज किया गया,  टीम ने जांच पूरी होने तक अस्पताल बंद करने के साथ ही अस्पताल संचालक को नोटिस देकर 8 बिंदु पर तत्काल जवाब मांगा है।
            बता दें कि 29 अगस्त को नेतराम धीवर ने अंकिता की तबीयत बिगड़ने पर उसे तुमगांव के नवजीवन हास्पिटल में भर्ती कराया था। अंकिता बातचीत कर रही थी। जैसे ही स्टाफ ने उसे बॉटल चढ़ाई वैसे ही वह छटपटाने लगी। बाद वह अचेत हो गई  बाद थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई । अंकिता के पिता नेतराम ने आरोप लगाया था कि नवजीवन हॉस्पिटल के स्टाफ की लापरवाही और गलत उपचार के कारण उनकी पुत्री ने गुरुवार की रात दम तोड़ दिया। उनका यह भी आरोप था कि  जिस समय वे अंकिता को लेकर तुमगाँव स्थित नवजीवन अस्पताल गये उस दौरान वहां एक भी चिकित्सक नहीं था। केवल 2 नर्सें और एक कम्पाउंडर ही मौजूद थे। अंकिता की मौत के बाद नेतराम ने पुलिस में अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी। इधर, अंकिता के मौत के बाद सीएचएमओ ने बीएमओ डॉ. अनिरुद्ध कसार, डॉ. छत्रपाल चंद्राकर, डॉ. अरविंद गुप्ता और डॉ. वीपी सिंह की चार सदस्यीय टीम का गठन कर जांच का आदेश दिया था।
जांच टीम ने मेडिकल रिकार्ड, दवाएं आदि अपने कब्जे में ली
जांच टीम ने रविवार को अस्पताल संचालक उदयराम साहू की मौजूदगी में अस्पताल का मुआयना किया।  टीम ने पाया कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में अंकिता का उपचार शुरू किया गया । इस दौरान हास्पिटल में तीन कर्मचारी थे। अंकिता को उल्टी,दस्त तथा बुखार होने की वजह से भर्ती कराया गया था। टीम ने अंकिता के उपचार संबंधी दवा व मेडिकल रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया और डॉक्टर की अनुपस्थिति में इलाज करने की लापरवाही सामने आने के बाद संचालक को नोटिस देकर जांच खत्म होने तक हास्पिटल का संचालन बंद करने  कहा गया है।

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