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चुनाव पूर्व पक्की सड़क नहीं बनी, तो मतदान नहीं

प्रशासन के आश्वासन पर विधानसभा में ग्रामीणों ने किया था मतदान

महासमुंद। ग्राम पंचायत पासिद के आश्रित गांव मुड़ियाडीह के ग्रामीण लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की तैयारी में है। ग्रामीणों ने बताया कि  गांव तक पहुंचने का एकमात्र सड़क जो जर्जर हो चुकी है उसे डामरीकरण करने की मांग को लेकर गत विधानसभा चुनाव में चुनाव बहिष्कार और विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन के आश्वासन पर विधानसभा में सभी ग्रामीणों ने मतदान किया था। पर चुनाव के बाद भी पक्की सड़क नहीं बनी। यदि लोकसभा चुनाव पूर्व पक्की सड़क नहीं बनती है तो चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
गांव के मुखीराम पटेल, अगनुराम ध्रुव, कार्तिकराम यादव, ओमन निषाद, फगुआराम पटेल, पंच रामेश्वर ध्रुव और सविता ध्रुव ने बताया कि विधानसभा चुनाव के पहले सड़क को पक्की करने शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराया, बाद कलेक्टोरेट का घेराव भी किया। विधानसभा मतदान के दिन बहिष्कार किया तो नायब तहसीलदार को कलेक्टर महासमुंद ने मुड़ियाडीह भेजकर मनरेगा के तहत रास्ता को सुधरवाने के लिए राशि स्वीकृत करने का आदेश पत्र भेजा था और मनरेगा के तहत पक्का रास्ता बनाने आश्वस्त किया, बाद यहां मतदान शुरू हुआ। लेकिन, चुनाव के 3 माह बाद भी अब तक इस सड़क के लिए कोई पहल नहीं हुई यहां तक कि महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के वर्ष 2024-25 के बजट में सम्मिलित एवं स्वीकृत कार्यों में मुड़ियाडीह मार्ग को सम्मिलित नहीं करने से ग्रामीण आक्रोशित हैं। अब ग्रामीण लोकसभा चुनाव के बहिष्कार के लिए फिर एकजुट हैं। उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में गांव से पासिद पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं जा पाते। गांव महानदी तट पर बसा है। यहां हर रोज दर्जनों भारी वाहनों से रेत अन्यत्र ले जाया जाता है। रेत से सरकार को करोड़ों का राजस्व मिलता है। बावजूद सालों से जर्जर हो चुकी सड़क के लिए शासन-प्रशासन उदासीन है।
आचार संहिता से पहले बजट में शामिल कराए जाने की मांग
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से कहा है कि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के पूर्व मुड़ियाडीह मार्ग को वर्तमान बजट में शामिल करवाएं अन्यथा इस बार मुड़ियाडीह का कोई भी मतदाता मतदान नहीं करेगा, लोकसभा चुनाव का पूर्णत: बहिष्कार किया जाएगा।

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