Latest Posts

10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में घटी विद्यार्थियों की संख्या

इस बार 24 हजार से अधिक विद्यार्थी देंगे 10 वीं 12 वीं बोर्ड परीक्षा

महासमुंद। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में इस साल 24 हजार से अधिक परीक्षार्थी हिस्सा लेंगे,जो एक मार्च से शुरू होगी। बोर्ड की इस परीक्षा में गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष 941 विद्यार्थी कम हिस्सा ले रहे हैं। बोर्ड परीक्षा में परीक्षार्थियों की संख्या साल-दर-साल कम हो रही है।
बता दें कि इस बार में जिले के 24 हजार से अधिक विद्यार्थी 10 वीं 12 वीं बोर्ड परीक्षा दिलाएंगे, जिसमें दसवीं में 14 हजार 151 विद्यार्थी और बारहवीं में कुल 10 हजार 324 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। बोर्ड परीक्षा की तैयारी जोर-शोर से चल रही है, फिलहाल स्कूलों में प्रायोगिक परीक्षाएं चल रही है जो 31 जनवरी तक चलेगी। आंकड़ों पर गौर करें तो साल दर साल 10 वीं और 12 वीं कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या घटती जा रही है। शिक्षा विभाग का कहना है कि कोरोनाकाल में ज्यादातर विद्यार्थियों  को प्रमोशन मिला था। जिससे विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी थी, लेकिन कोरोना समाप्त होने के बाद से ही 9 वीं पास होने वाले छात्र ही 10 वीं की बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हंै। कई छात्र अब सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा देने में भी रुचि ले रहे हैं। पालक अपने बच्चों को अंग्रेजी मीडियम सीबीएसई स्कूल में पढ़ाने पर ही ज्यादा  जोर दे रहे हैं। वहीं कोरोनाकाल में प्रमोशन मिलने के चलते विद्यार्थियों की संख्या 10 वीं व 12 वीं में बढ़ी थी। परीक्षा नहीं होने से विद्यार्थी अधिक हो गए थे, लेकिन अब पास होने वाले ही अगली कक्षा में बैठ रहे हैं।
2019-20 शिक्षा सत्र में सबसे अधिक परीक्षार्थी
 इस बोर्ड परीक्षाओं में कुल 24 हजार 475 परिक्षार्थी हिस्सा लेंगे। जो पिछले पांच सालों में सबसे कम है। गत वर्ष की अपेक्षा इस साल 941 परीक्षार्थी कम है। पिछले साल 25 हजार 416 ने परीक्षा दी थी। शिक्षा विभाग से प्राप्त पांच सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो शिक्षा सत्र 2019-20 में सबसे अधिक कुल 29 हजार 187 ने बोर्ड परीक्षा में हिस्सा लिया था।
114 परीक्षा केन्द्रों में होगी परीक्षा
 जानकारी के अनुसार बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 114 परीक्षा केंद्र हैं। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा के लिए नए केंद्र का प्रस्ताव नहीं दिया गया है। कोरोनाकाल के दौरान जहां हर स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, लेकिन इस वर्ष अब तक प्रस्ताव नहीं भेजा गया है। केंद्र दूर होने से कई परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल के रूट में बस भी नहीं चलती जिससे भी दिक्कत होती है।

Latest Posts

Don't Miss