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पेट दर्द का इलाज कराने पहुंचे प्रधानपाठक की मौत

पत्नी व परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

महासमुंद। पेट दर्द का इलाज कराने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे एक प्रधानपाठक का इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पत्नी सहित परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर मौजूद डाक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए, डाक्टरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
मृतक की पत्नी स्थानीय रमनटोला निवासी काजल गुप्ता ने बताया कि उनके पति प्रभात गुप्ता (43) बागबाहरा विकासखण्ड के अमलीडीह में प्रधानपाठक के पद पर पदस्थ थे। गुरुवार रात उनके पेट दर्द उठा, आज सुबह उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। यहाँ ड्यूटी डॉक्टर के पूछने पर हमने बताया कि पेट दर्द होने पर पैरासिटामोल की गोली दी थी। काजल का आरोप है कि ड्यूटी डॉक्टर द्वारा उनके पति का ईलाज शुरू न करते हुए उनसे घर से पैरासिटामोल टेबलेट का स्ट्रीप लाने कहा।  उन्होंने बताया कि कुछ देर बाद डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया और जाकर अपने कक्ष में बैठ गए,  इस बीच उनके पति की हालत खराब होती गई। मैनें बार-बार मौजूद डाक्टरों को बताया कि उनके पति की हालत पहले से और खराब हो रही है पर डॉक्टरों ने नहीं सुनी, काफी देर बाद  डॉक्टर आए और चेक बताया कि उनके पति अब नहीं रहे। श्रीमती गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनके पति की जान डॉक्टरों की लापरवाही से गई यदि समय पर सही ढंग से इलाज होता तो उनकी जान बच सकती थी, इसलिए ड्यूटी पर तैनात डाक्टरों पर कार्रवाई होनी चाहिए, वहीं अन्य परिजनों ने भी बताया कि समय पर इलाज नहीं मिला जिससे मौत हुई है।
वर्सन
जब मरीज को यहाँ भर्ती कराया गया था तो उनकी हालत बेहद खराब थी, उनकी ह्रदय गति बहुत तेजी से चल रही थी । मृतक के परिजनों ने मरीज की जो हिस्ट्री बताई है उनके अनुसार उन्हें एक माह से पीलिया था,और वे पिछले एक माह से केवल पेय पदार्थ ही ले रहे थे, इस दौरान वे स्वयं इलाज कर रहे थे। उनका लीवर भी डेमेज था। मृतक की पत्नी और परिजनों का आरोप सरासर गलत है भर्ती किए जाने के बाद ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने तुरंत ही उनका इलाज शुरू किया था,मरीज को बचाने का भरसक प्रयास किया गया था।
-डॉ बसंत माहेश्वरी
अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज, महासमुंद

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