तीन लेयर वाली कड़ी सुरक्षा में रखी गई हैं इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें
जिले की चारों विधानसभा सीट के लिए मतगणना के लिए अब मात्र छह दिन शेष रह गया है। आगामी 3 दिसंबर को मतगणना स्थल कृषि उपज मंडी से शाम तक चारों विधानसभा के विजयी प्रत्याशियों के नामों की घोषणा हो जाएगी। फिलहाल चारों विधानसभा क्षेत्र की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को स्ट्रांग रूम की तीन लेयर वाली कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। जिले की जनता ने 53 प्रत्याशियों में किन्ही विधायक चुना है फैसला इलेक्ट्रॉनिक मशीनों में कैद है, पर अपनी- अपनी जीत को लेकर सभी प्रत्याशी पूरी तरह से आश्वस्त हैं।
बता दें कि 17 नवंबर को प्रदेश में दूसरे चरण में पूरे जिले की चार विधानसभा सीट महासमुंद, खल्लारी, बसना और सरायपाली के 1079 मतदान केन्द्रों में 81.52 प्रतिशत मतदान हुआ। जिसमें महिलाओं की भागीदारी अधिक रही। मतदान के बाद सभी इलेक्ट्रॉनिक मशीनों को मतगणना स्थल कृषि उपज मंडी में तीन लेयर की कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। यहाँ सिर्फ पासधारी ही जा सकते हैं वह भी दूसरे लेयर तक। मतगणना स्थल पर मुख्य द्वार से स्ट्रांग रूम तक सुरक्षा बलों के करीब तीन सौ जवान तैनात हैं। इनकी सुरक्षा में पहले लेयर में केंद्रीय अर्धसैनिक बल के 91 सशस्त्र जवान तैनात हैं। जबकि, दूसरे लेयर में छग आर्म्स फोर्स के जवान कंपनी कमांडर जुनास मिंज के नेतृत्व में और तीसरे लेयर में बाहर की ओर जिला पुलिस बल के जवान एसडीओ (पी) मंजूलता बाज और डीएसपी अजय शंकर त्रिपाठी के नेतृत्व में तैनात हैं। जबकि, एएसपी आकाश राव गिरेपुंजे की सतत निगरानी इन सबके अलावा मुख्य द्वार से लेकर स्ट्रांग रूम तक कई सीसी टीव्ही कैमरे लगे हुए हैं। मुख्य सड़क से लगे मुख्य प्रवेश द्वार पर पूरी जांच के बाद पासधारी को ही प्रवेश दिया जा रहा है। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि सुरक्षा व्यवस्था या परिसर की गतिविधि देखने आते हैं, तो उन्हें भी द्वितीय लेयर के सुरक्षा घेरे से आगे बढ़ने नहीं दिया जाता। द्वितीय लेयर पर ही सीसीटीव्ही कैमरों के जरिये स्ट्रांग रूम व परिसर में चल रही गतिविधियों को कंट्रोल रूम में देखा जा सकता है। जिले में अभी 27 कंपनियां शेष हैं। इनमें सीमा सुरक्षा बल की 12, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की-1 तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की 4 कंपनियां शामिल हैं। एक कंपनी में 90 से 120 जवान होते हैं।



