वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना के लिए बड़ा फैसला लिया है। व्हाइट हाउस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने नौसेना को विदेशी शिपयार्ड्स (विदेशों) में अपने जहाज बनाने की मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही, उन्होंने एक नेशनल सिक्योरिटी मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर में जेट फाइटर्स को लॉन्च करने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम के बजाय पुरानी स्टीम कैटापुल्ट (भाप से चलने वाली) तकनीक का इस्तेमाल फिर से शुरू करने का आदेश दिया गया है।
इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम से दूरी
नए आदेश के बाद, जेराल्ड आर. फोर्ड क्लास के चौथे एयरक्राफ्ट कैरियर में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च सिस्टम (EMALS) का उपयोग नहीं किया जाएगा।
हालांकि, यह तकनीक पहले के तीन जहाजों में इस्तेमाल की गई थी। विशेषज्ञों और रिपोर्ट्स का मानना है कि ऐन वक्त पर डिजाइन में इस तरह का बड़ा बदलाव करने से अमेरिकी टैक्सपेयर्स के करोड़ों डॉलर अतिरिक्त खर्च हो सकते हैं।
ट्रंप रहे हैं इलेक्ट्रोमैग्नेटिक लॉन्च सिस्टम के आलोचक
ट्रंप लंबे समय से नौसेना के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक लॉन्च सिस्टम के आलोचक रहे हैं। उनका तर्क है कि यह नया इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम पुराना स्टीम कैटापुल्ट सिस्टम की तुलना में बहुत अधिक महंगा है और उतना असरदार भी नहीं है।
हाल ही में पेंसिल्वेनिया में एक समिट के दौरान ट्रंप ने कहा था, उन्होंने इलेक्ट्रिक कैटापुल्ट पर अरबों डॉलर ज्यादा खर्च किए हैं, लेकिन वे उतने अच्छे नहीं हैं। वे बहुत जटिल हैं और सही काम नहीं करते।
कंपनी ने जताई चिंता
वहीं दूसरी ओर, EMALS बनाने वाली कंपनी जनरल एटॉमिक्स ने इस फैसले पर चिंता जताई है। कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा है कि डोरिस मिलर एयरक्राफ्ट कैरियर पर इस सिस्टम का उपयोग रोकने के फैसले पर सरकार को गंभीरता से पुनर्विचार करने की जरूरत है।



