कोरबा हसदेव जंगल को बचाने के लिए चल रहे आंदोलन में हसदेव जाकर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रदेश भर से कार्यकर्ता लगभग 2 हजार गाड़ी के क़ाफ़िला के साथ अपना समर्थन देने पहुँचे। उन्होंने आंदोलन के समर्थन में रैली निकाल कर अपना विरोध प्रदर्शन किया।
जोहार छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के सभी कार्यकर्ता अपने-अपने घर से 1 किलो चावल, दाल, आलू व अन्य खाने की सामग्री लेकर पहुँचे थे जिसे हसदेव में आंदोलन कर रहे स्थानीय एवं आदिवासी साथियों को दिया और हसदेव जंगल के बचाने के लिए आगे हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।
जोहार छ्त्तीसगढ़ के कोरबा ज़िला प्रतिनिधि सुरेंद्र राठौर ने बताया कि कुल 137 मिलियन टन कोयला भंडार जिसमें से प्रतिवर्ष 5 मिलियन टन कोयला निकालना है। जबकि जिले में स्थित गेवरा, दीपका, कुसमुंडा एवं कोरबा परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 140 मिलियन टन का उत्पादन हो रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा हैं की ऐसे मे केवल 5 मिलियन टन प्रतिवर्ष के कोयला उत्पादन के लिए 9 लाख पेड़ काटे जाने की अनुमति सरकार द्वारा देना केवल एक निजी कंपनी को लाभ पहुँचाने के लिए किया जा रहा है।




