
कोरबा:छ: सूत्रीय मांग को लेकर गत 14 मार्च को सरायपाली खदान में कोयला मजदूर पंचायत (एचएमएस)के केंद्रीय उपाध्यक्ष गजेन्द्र पाल सिंह तंवर के नेतृत्व में कोयला बंदी की गई। खदान में करीब चार घण्टे आंदोलनकारियों के कारण काम काज ठप्प रहा।आंदोलन में सैकड़ों की तादाद में स्त्री और पुरूष शामिल हुए।आंदोलनकारी , ठेका कम्पनी में कार्यरत मजदूर हैं जिनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोयला मजदूर पंचायत के बैनर के तहत पहले एसईसीएल कोरबा मुखयालय का घेराव किया गया और फिर 14 मार्च को सरायपाली खदान में कोयला बंदी आंदोलन किया गया। यह आंदोलन एक घण्टे पूर्व प्रशासन के अधिकारी, एसईसीएल सरायपाली के अधिकारी और कोयला मजदूर पंचायत के नेताओं के मध्य 6 सूत्रीय मांग को लेकर बैठक हुई और इस बैठक में एक माह में समस्याओं के समाधान की बात कही गई। यूनियन के नेता गजेन्द्र सिंह का कहना है कि देश हित मे हमने कोयला बंदी आंदोलन को उक्त बैठक के बाद समाप्त कर दिया।लेकिन जब तक काम से निकाले गये मजदूरों की बहाली नहीं होगी और मजदूरों की समस्या का समाधान नहीं होगा हमारा यह आंदोलन जारी रहेगा।आंदोलन का विस्तार करते हुए कहा कि 16 मार्च को एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय में सामुहिक भूखहड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है।उन्होंने बताया कि इस हड़ताल में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।



