Latest Posts

मनहरण राठौर रामपुर विधानसभा के पर्यवेक्षक नियुक्त…शक्ति में विरोधियों को शांत करने की शुरुआत

कोरबा: शक्ति विधानसभा के मौजूदा विधायक व छतीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत के करीबी मनहरण राठौर उस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा में आये जब उन्होंने अपने सियासी गुरु डॉ चरणदास महंत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और शक्ति विधानसभा से टिकट के दावेदार बन बैठे। उन्होंने महौल ऐसा तैयार किया कि पूरा राठौर समाज मनहरण के समर्थन में उत्तर आया।
डॉ चरणदास महंत को टिकट मिलना पहले से तय था.
महंत दूसरी बार कांग्रेस प्रत्याशी बनाये तो गए किन्तु विरोध के स्वर उठने लगे।राठौर समाज के साथ आदिवासी समाज ने भी मोर्चा खोल खुलेआम कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ चरणदास महंत का विरोध करने लगे.इसके पीछे भी मनहरण राठौर का हाथ होना बताया गया। राठौर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री भी हैं अब उन्हें कांग्रेस ने रामपुर विधानसभा का प्रभारी बना दिया हैं, कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि महंत के इशारे में कांग्रेस ने यह कदम उठाया।
डॉ चरणदास महंत राजनीति के पुराने व अनुभवी खिलाड़ी हैं उन्हें कब कौंन सा गेम खेलना हैं अच्छी तरह से आता हैं और उन्होंने चुनाव के चंद दिन पहले राठौर को शक्ति से बाहर भिजवा दिया। इसके पीछे एक बहुत बड़ा कारण यह था कि चुनाव के दौरान मनहरण राठौर शक्ति में रहते तो वो निश्चित ही कांग्रेस को राठौर समाज के माध्यम से
नुकसान पहुचाते। रामपुर विधानसभा का प्रभारी बनाये जाने के बाद मनहरण राठौर को अधिकांश वक्त अपने प्रभार क्षेत्र में देना पड़ेगा।औऱ कांग्रेस हाई कमान की सीधी नजर मनहरण पर रहेगी कि वो रामपुर विधानसभा के कांग्रेस प्रत्याशी फूलसिंह राठिया के लिए काम कर रहे या नहीं.
मनहरण राठौर के साथी और समाज के लोगों के बीच अब यह चर्चा होने लगी हैं कि महंत व राठौर के मध्य सुलह हो गई हैं तथा सोची समझी रणनीति के तहत राठौर को रामपुर का प्रभारी बनाया गया हैं ताकि राठौर समाज की धधकती ज्वाला को काफी हद तक शांत किया जा सके।
बता दे कि शक्ति विधानसभा क्षेत्र से राठौर समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे मनहरण राठौर सहित आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेता और राजा सुरेन्द्र बहादुर सिह अपने दत्तक पुत्र के लिए जांजगीर पहुंचे, छतीसगढ़ प्रभारी कुमारी शैलजा के सामने अपनी दावेदारी पेश की तो दूसरी तरफ राठौर समाज के पदाधिकारियों ने मनहरण राठौर के लिए टिकट की मांग की थी और कुमारी शैलजा के सामने सैकड़ों कार्यकर्ताओ के साथ जबरजस्त शक्ति प्रदर्शन किया था और यह आभास दिलाने की कोशिश की थी कि शक्ति विधानसभा में वो कितना दम रखते हैं। डॉ महंत ने अपने खिलाफ हो रहे विरोध का सामना बड़ी शालीनता से किया और विरोधी को बोलने की पूरी आजादी दी.ताकि लोग अपने मन की भड़ास बहार निकाल दे। विरोध अब भी हो रहा हैं लेकिन पहले जैसा नहीं. काफी विरोधियों को वे मनाने में सफल हो गये ऐसी जानकारी अब बाहर आने लगी हैं।महंत राजनीति के बाजीगर हैं किन्तु उन्होंने जीतने भी चुनाव लड़े हैं कभी उनका इतना जबरदस्त और खुलेआम विरोध नहीं हुआ। महंत में यह कला भी हैं कि वे अपने विरोधी को अपना नुकसान होने से पहले सेट कर लेते है।

Latest Posts

Don't Miss