

कोरबा। देश के प्रख्यात श्रीमद् भागवत कथा वाचक श्रीभूषण कृष्ण शास्त्री के श्रीमुख से मोदी गार्डन चित्रा टाकीज में प्रथम दिन श्रीमद् भागवत कथा का महात्म्य बताया गया और कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं। सच्चे मन से प्रार्थना करने पर एवं भगवान की कथा सच्चे मन से सुनने पर हर मनोकामना पूर्ण होती है। भगवान की महिमा अपरंपार होती है और अपनी लीलाओं से मानव को आदर्श जीवन जीने का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत देवभूमि है और यहां जन्म लेने के लिए भगवान भी तरसते हैं। उन्होंने राम-सीता के विछोह का कथा प्रसंग बताते हुए कहा कि जब मैय्या सीता का अपहरण हुआ और लंका ढहाने तथा असुरी शक्ति का नाश करने जब भगवान राम अपनी सेना के साथ लंका पहुंचे तो सीता के विछोह में आंसू भी बहाए। युद्ध के दौरान जब अनुज लक्ष्मण घायल हो गए, तब भी उन्होंने आंसू बहाया। कहने का तात्पर्य यह है कि भगवान भी भक्तों की संवेदनाओं से पिघल जाते हैं और वे भक्तों के बारे में सोचते हैं। भागवत कथा कलयुग में भवतारणी है और हम सबको अपनी दिनचर्या भगवत पूजा के साथ प्रारंभ करनी चाहिए। पूजा से मन में असीम शांति आती है और दरिद्रता दूर होकर सुख समृद्धि आने के साथ-साथ परिवार का कलह दूर होता है। हमें समभाव होकर अपना जीवन व्यतित करना चाहिए। रावण जब मारा गया, उसके पूर्व श्रीराम ने अनुज लक्ष्मण को ब्रम्हज्ञान लेने के लिए उनके पास भेजा। इस तरह ज्ञान की हर जगह पूजा होती है। शत्रु से भी ज्ञान मिले तो विनम्रता के साथ लेना चाहिए और जीवन में सभी को सम दृष्टि से देखें तो हर कोई अपना लगेगा, यही जीवन का सार है। मोदी गार्डन में श्रीहरि परिवार द्वारा आयोजित इस भागवत कथा में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं और श्रीभूषण कृष्ण शास्त्री जी के श्रीमुख से भगवत महात्म्य का श्रवण कर पूण्यलाभ प्राप्त कर रहे हैं। 19 दिसंबर से 26 दिसंबर तक चलने वाली श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने आचार्य श्री ने सभी को आमंत्रित किया है। इस कथा के आयोजन में श्री परशुराम इंटरनेशनल महासंघ के सदस्यों ने अपनी भूमिका निभाई।



